Jharkhand Coal Case: कोयला चोरी मामले में ED ने धनबाद-कोलकाता में छापेमारी की, दस्तावेज जब्त
ED की बड़ी कार्रवाई, धनबाद और कोलकाता में कोयला चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग के ठिकानों पर छापेमारी।
Jharkhand Coal Case: झारखंड के धनबाद और पश्चिम बंगाल के कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार सुबह कोयला चोरी के बड़े मामले में छापेमारी की। यह कार्रवाई अवैध कोयला खनन, तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग, जीएसटी और टैक्स चोरी से जुड़ी है। धनबाद में बीसीसीएल की आउटसोर्सिंग कंपनी डेको के कार्यालय, संचालक मनोज अग्रवाल के घर और निदेशक एएन झा के अपार्टमेंट पर दबिश दी गई। कोलकाता में गोदावरी कंपनी के निदेशक के आवास और दफ्तरों पर छापे पड़े। ED ने वित्तीय दस्तावेज, डिजिटल डेटा और सबूत जब्त किए। छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों के लोग जो कोयला क्षेत्रों में रहते हैं, वे इस घोटाले से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। ED का कहना है कि यह 21 नवंबर को हुई पिछली छापेमारी के साक्ष्यों पर आधारित है। जांच जारी है, और आरोपी जल्द पकड़े जा सकते हैं।
छापेमारी का विवरण: धनबाद में डेको कंपनी पर फोकस
ED की टीम ने धनबाद के ट्रिनिटी गार्डन अपार्टमेंट (भेलाटांड रोड) में निदेशक एएन झा के घर पर छापा मारा। डेको कंपनी के संचालक मनोज अग्रवाल के आवास और कार्यालय भी निशाने पर रहे। कोलकाता में गोदावरी कंपनी के निदेशक के ठिकानों पर दबिश दी गई। छापेमारी से कोयला कारोबारियों और ट्रांसपोर्टरों के बीच के संबंधों के सबूत मिले। ED ने कहा कि अवैध खनन से करोड़ों का काला धन बना। 21 नवंबर को 40 स्थानों पर हुई पिछली कार्रवाई के आधार पर यह नया धावा है। कोई गिरफ्तारी नहीं हुई, लेकिन पूछताछ जारी है।
Jharkhand Coal Case:अवैध खनन से मनी लॉन्ड्रिंग तक का नेटवर्क
यह मामला कोयला तस्करी का बड़ा रैकेट है। बीसीसीएल की आउटसोर्सिंग कंपनियां अवैध तरीके से कोयला निकाल रही थीं। तस्करों को बेचकर काला धन कमाया जाता था। जीएसटी चोरी और टैक्स फ्रॉड भी शामिल हैं। ED ने दावा किया कि नेटवर्क धनबाद से कोलकाता तक फैला है। इंद्रराज भदौरिया और सुधीर चौटाला जैसे कोयला कारोबारियों के नाम सामने आए हैं। ग्रामीण इलाकों में कोयला चोरी से पर्यावरण और अर्थव्यवस्था को नुकसान होता है। ED की जांच से अब बड़े नाम उजागर हो सकते हैं।
ED की कार्रवाई का असर: जांच जारी
ED ने कहा कि छापेमारी से महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं। वित्तीय लेन-देन, बैंक स्टेटमेंट और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए गए। पूछताछ से नेटवर्क का पूरा खुलासा होगा। झारखंड और बंगाल सरकारों को अलर्ट किया गया है। कोयला क्षेत्र में भ्रष्टाचार रोकने के लिए यह कदम जरूरी था। ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खनन से उनकी जमीनें बर्बाद हो रही हैं। ED की जांच से अब न्याय मिलेगा।



