Bihar News: बिहार के सरकारी स्कूलों में अब ABCD के साथ AI की पढ़ाई, तीसरी कक्षा से शुरू होगा कोर्स, IIT चेन्नई तैयार कर रहा पाठ्यक्रम
2026-27 से शुरू होगा कोर्स, IIT चेन्नई तैयार कर रहा पाठ्यक्रम
Bihar News: बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षा का नया दौर शुरू होने वाला है। नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से तीसरी कक्षा से ही बच्चों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की पढ़ाई कराई जाएगी। शिक्षा मंत्रालय की नई गाइडलाइन के अनुसार यह कोर्स पूरे देश में लागू होगा और बिहार सरकार इसे जल्द लागू करने की तैयारी में जुट गई है।
इससे बच्चे बचपन से ही AI समझेंगे और भविष्य की टेक्नोलॉजी से जुड़ेंगे। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे अब सिर्फ ABCD नहीं सीखेंगे, बल्कि रोबोट कैसे काम करता है, मशीनें कैसे सोचती हैं और टेक्नोलॉजी से दुनिया को बेहतर कैसे बनाया जा सकता है, यह भी सीखेंगे।
कोर्स कब और कैसे शुरू होगा?
- तीसरी कक्षा से AI की पढ़ाई शुरू होगी।
- हर साल एक-एक कक्षा ऊपर बढ़ती जाएगी।
- पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचा 2023 पर आधारित होगा।
- प्रोजेक्ट का नाम है – AI एंड कंप्यूटेशनल थिंकिंग।
यह कोर्स बच्चों को सिर्फ टेक्नोलॉजी यूजर नहीं, बल्कि क्रिएटर बनाने पर फोकस करेगा। बच्चे समझेंगे कि समस्या कैसे हल करें, सोच कैसे बढ़ाएं और नई चीजें कैसे बनाएं।
IIT चेन्नई की टीम बना रही पाठ्यक्रम
AI कोर्स तैयार करने की जिम्मेदारी आईआईटी चेन्नई के विशेषज्ञों की टीम को दी गई है। इस टीम का नेतृत्व प्रोफेसर कार्तिक रमण कर रहे हैं। NCERT, CBSE और राज्य सरकारें भी इस प्रोजेक्ट में साथ मिलकर काम कर रही हैं।
शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया, “आज की दुनिया में AI सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि भविष्य का आधार है। अगर बच्चे शुरू से इसे सीख लें तो उनकी सोच बहुत आगे बढ़ जाएगी।”
किताबें, वीडियो और डिजिटल सामग्री तैयार
बच्चों के लिए AI पढ़ाई हेतु पूरी सामग्री तैयार की जा रही है। इसमें शामिल होंगे
- किताबें और हैंडबुक
- वीडियो लेक्चर
- डिजिटल सामग्री और ऐप्स
ये सभी सामग्री सरकारी स्कूलों में मुफ्त उपलब्ध होगी।
शिक्षकों को मिलेगी विशेष ट्रेनिंग
AI पढ़ाने के लिए सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी। यह ट्रेनिंग **निष्ठा** (नेशनल इनिशिएटिव फॉर स्कूल हेड्स एंड टीचर्स होलिस्टिक एडवांसमेंट) कार्यक्रम के तहत होगी।
निष्ठा केंद्र सरकार की एक बड़ी पहल है, जिसका मकसद शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों की क्षमता बढ़ाना है। पहले शिक्षकों को AI की बेसिक समझ दी जाएगी, फिर वे बच्चों को पढ़ा सकेंगे।
Bihar News: बिहार में क्या बदलाव आएगा
बिहार में लाखों बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं। AI कोर्स से ये बच्चे टेक्नोलॉजी की दुनिया में आगे रहेंगे। अधिकारी बताते हैं कि यह बदलाव बच्चों की सोच को क्रिएटिव बनाएगा। वे सिर्फ जानकार नहीं, बल्कि नए आविष्कार करने वाले बनेंगे।
शिक्षा विभाग का कहना है कि यह फैसला पूरे देश के लिए बड़ा है। बिहार सरकार इसे जल्द लागू करने के लिए पूरी तैयारी कर रही है।
नए सत्र से बिहार के स्कूलों में AI की पढ़ाई शुरू होने से बच्चों का भविष्य और मजबूत होगा। ABCD के साथ अब AI भी सीखेंगे बच्चे।



