Bihar News: मुजफ्फरपुर आत्महत्या कांड के बाद कांग्रेस ने की माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के खिलाफ आंदोलन की घोषणा, नीतीश सरकार को दिया अल्टीमेटम
परिवार की चार मौतों के बाद कांग्रेस ने माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के खिलाफ आंदोलन की घोषणा; नीतीश सरकार को अल्टीमेटम
Bihar News: बिहार में मुजफ्फरपुर के एक गरीब परिवार की दर्दनाक मौत ने राजनीति गरमा दी है। सकरा थाना क्षेत्र के नवलपुर मिश्रवलिया गांव में अमरजीत पासवान और उनकी तीन बेटियों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कर्ज और गरीबी से परेशान परिवार की इस घटना के बाद कांग्रेस ने माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के खिलाफ बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है। पार्टी ने नीतीश सरकार से न्याय और जांच की मांग की है।
क्या हुई दर्दनाक घटना?
मुजफ्फरपुर जिले के सकरा में अमरजीत पासवान नाम के शख्स ने अपनी तीन छोटी बेटियों के साथ फांसी लगा ली। चार लोगों की मौत से गांव में मातम छा गया। बताया जाता है कि अमरजीत कर्ज के बोझ, भूख और गरीबी से इतना परेशान थे कि मौत को गले लगा लिया। परिवार के बचे सदस्य सदमे में हैं।
यह घटना गरीबों की जिंदगी की कड़वी सच्चाई दिखाती है। माइक्रोफाइनेंस कंपनियां गरीबों को आसानी से कर्ज देती हैं, लेकिन वसूली के समय परेशान करती हैं। इससे कई परिवार बर्बाद हो जाते हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने क्या कहा?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने घटनास्थल का दौरा किया। उसके बाद पटना के सदाकत आश्रम में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि यह हृदय विदारक घटना है। चार लोगों की मौत से साफ है कि राज्य में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। गरीब न्याय मांगने की जगह मौत चुन रहे हैं।
राजेश राम ने नीतीश सरकार को जिम्मेदार ठहराया। बोले – सरकार गरीब और पिछड़े वर्ग को सम्मानजनक जीवन की गारंटी नहीं दे सकती। यह सरकार की नाकामी है। माइक्रोफाइनेंस कंपनियां गरीबों को लूट रही हैं। उनकी कार्यप्रणाली की जांच होनी चाहिए।
कांग्रेस की मांगें क्या हैं?
कांग्रेस ने राज्य सरकार से फौरन ये मांगें की हैं:
- पीड़ित परिवार को अच्छा मुआवजा दिया जाए।
- बचे हुए बच्चों की पढ़ाई और पालन-पोषण की पूरी जिम्मेदारी सरकार उठाए।
- दोषी माइक्रोफाइनेंस कंपनियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई हो।
- इन कंपनियों के कर्ज और काम करने के तरीके की उच्चस्तरीय जांच हो।
राजेश राम ने चेतावनी दी कि अगर सरकार नहीं चेती तो कांग्रेस पूरे राज्य में माइक्रोफाइनेंस के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेगी। पार्टी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर कदम उठाएगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया चेयरमैन राजेश राठौड़, प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन, सोशल मीडिया चेयरमैन सौरभ सिन्हा और लीगल सेल अध्यक्ष संजय पांडेय मौजूद थे।
Bihar News: बिहार में क्यों बढ़ रही ऐसी घटनाएं?
बिहार के गांवों में गरीबी ज्यादा है। माइक्रोफाइनेंस कंपनियां छोटे कर्ज देती हैं, लेकिन ब्याज और वसूली का तरीका सख्त होता है। कई बार लोग परेशान होकर गलत कदम उठा लेते हैं। कांग्रेस का कहना है कि सरकार इन कंपनियों पर लगाम नहीं लगा रही। कानून-व्यवस्था कमजोर है, इसलिए गरीब न्याय की उम्मीद खो रहे हैं।
लोगों का कहना है कि सरकार को गरीबों की मदद के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। कर्ज माफी या आसान रोजगार जैसे उपाय होने चाहिए। यह घटना सबको सोचने पर मजबूर कर रही है कि गरीबों की जिंदगी कब सुधरेगी। कांग्रेस अब इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाएगी। आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज हो सकता है। बिहार के लोग इंतजार कर रहे हैं कि सरकार क्या करती है। गरीबों को न्याय मिले, यही सबकी उम्मीद है।



