
पटना। शेखपुरा जिले के अरियरी प्रखंड में निगरानी विभाग की टीम ने आज पंचायत रोजगार सेवक (PRS) प्रफुल कुमार उर्फ पप्पू को 30 हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। पंचायत की एक योजना पारित कराने के बदले आरोपी पंचायत रोजगार सेवक प्रफुल कुमार ने कथित तौर पर 60 हजार रुपये कमीशन की मांग की थी। शिकायत मिलने पर निगरानी विभाग ने कार्रवाई की।
योजना पास कराने के लिए मांगे गए थे 60 हजार रुपये
जानकारी के अनुसार, मामला अरियरी प्रखंड की हजरतपुर मड़रो पंचायत से जुड़ा है। पंचायत समिति सदस्य जयमंती देवी के पति और रौंदी गांव निवासी श्रवण चौधरी ने निगरानी विभाग से शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पंचायत की एक योजना को मंजूरी दिलाने के लिए पीआरएस की ओर से 10 प्रतिशत कमीशन की मांग की जा रही है।
शिकायत के मुताबिक, रौंदी गांव में सौफी चौहान के घर से सुग्रीव चौहान के घर तक मिट्टी भराई का काम कराया जाना था। इस योजना की लागत छह लाख रुपये बताई गई है। योजना पारित कराने के बदले कथित तौर पर 60 हजार रुपये की मांग की गई थी।
शिकायत की जांच के बाद हुई कार्रवाई
निगरानी विभाग के डीएसपी सतीशचंद्र माधव के अनुसार, श्रवण चौधरी की शिकायत मिलने के बाद टीम ने मामले की जांच की। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद आरोपी को पकड़ने की योजना बनाई गई। आज दोपहर करीब एक बजे निगरानी टीम ने अरियरी प्रखंड कार्यालय में कार्रवाई की। इस दौरान पीआरएस प्रफुल कुमार उर्फ पप्पू को 30 हजार रुपये लेते हुए गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद पटना ले गई टीम
कार्रवाई के बाद निगरानी विभाग की टीम आरोपी पीआरएस को लेकर श्यामा सरोवर पहुंची। वहां टीम के अधिकारियों ने मीडिया से भी बातचीत की। इसके बाद आरोपी को आगे की कार्रवाई के लिए पटना ले आया गया।
निगरानी विभाग की कार्रवाई से मचा हड़कंप
पंचायत की योजनाओं में कथित कमीशनखोरी की शिकायत पर हुई इस कार्रवाई ने सरकारी कामकाज में पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े किए हैं। निगरानी विभाग की टीम ने शिकायत के आधार पर जांच करने के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की है। अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया की जाएगी।



