
पटना। बिहार में हवाई यात्रा की सुविधा बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने पांच जिलों में नए एयरपोर्ट विकसित करने और नौ जिलों में हेलीपोर्ट बनाने की योजना को मंजूरी दी है। सोमवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया गया है। इसका मकसद छोटे शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ना, यात्रा को आसान बनाना और पर्यटन तथा कारोबार को बढ़ावा देना है।
बिहार के इन 5 स्थानों पर बनेंगे एयरपोर्ट
सरकार की योजना के तहत बिहार में पांच जगहों पर एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे। इनमें किशनगंज, छपरा, बेगूसराय के उलाव, अररिया के फारबिसगंज और गोपालगंज के सबेया शामिल हैं। इन जगहों पर एयरपोर्ट बनने से आसपास के जिलों के लोगों को फायदा मिलेगा। अभी कई लोगों को हवाई यात्रा के लिए दूसरे शहरों के एयरपोर्ट तक जाना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर हवाई सुविधा मिलने से उनका समय भी बच पाएगा।
9 जिलों में बनाए जाएंगे हेलीपोर्ट
एयरपोर्ट के अलावा बिहार के नौ जिलों में हेलीपोर्ट बनाने की भी योजना है। ये जिले हैं।
– औरंगाबाद
– बांका
– जमुई
– कटिहार
– खगड़िया
– नवादा
– शेखपुरा
– सीतामढ़ी
– बेगूसराय
हेलीपोर्ट ऐसी जगह होती है, जहां हेलीकॉप्टर उतर और उड़ान भर सकते हैं। इनके बनने से जरूरत के अनुसार हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने में मदद मिल सकती है।
परियोजना के खर्च में सरकार देगी हिस्सा
इस योजना के तहत राज्य सरकार परियोजना की कुल लागत का 25 प्रतिशत हिस्सा देगी। इसके अलावा, हवाई सेवाओं के प्रचार के लिए हर साल 10 लाख रुपये खर्च करने का प्रावधान बताया गया है।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
नए एयरपोर्ट बनने से पर्यटन और कारोबार को फायदा मिल सकता है। दूसरे राज्यों से आने वाले पर्यटकों के लिए बिहार के अलग-अलग इलाकों तक पहुंचना आसान हो सकता है। इससे स्थानीय दुकानदारों, होटल कारोबार और दूसरे व्यवसायों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।



