
पटना। बिहार में सड़क निर्माण की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए सभी 38 जिलों में अलग-अलग गुणवत्ता जांच प्रयोगशाला (Quality Testing Lab) खोलने की योजना से बनाई गई है। इसका उद्देश्य सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की जांच को मजबूत करना और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के मानकों का पालन सुनिश्चित करना है।
24 घंटे में मिल सकती है निर्माण सामग्री की जांच रिपोर्ट
ग्रामीण कार्य विभाग (RWD) की इस पहल का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि निर्माण सामग्री के नमूनों को जांच के लिए पटना भेजने की जरूरत कम हो सकती है। विभाग सभी जिलों में प्रयोगशालाएं स्थापित करने की तैयारी कर रहा है। जानकारी के मुताबिक,अधिकारियों से लैब के लिए 2,000 से 2,500 वर्गफीट जगह चिह्नित करने को कहा गया है। साथ ही, जांच रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
गिट्टी, मिट्टी, सीमेंट और अलकतरा की होगी जांच
सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता सड़क की मजबूती और उसकी उम्र तय करने में अहम भूमिका निभाती है। प्रस्तावित जिला स्तरीय लैब में गिट्टी, मिट्टी, सीमेंट और बिटुमेन (अलकतरा) जैसे निर्माण सामग्रियों के नमूनों की जांच की जा सकेगी। इससे मानकों के अनुरूप सामग्री के इस्तेमाल की पुष्टि करने में मदद मिलेगी।
ठेकेदारों की जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद
जिलों में जांच की सुविधा मिलने से इंजीनियरों को निर्माण स्थल पर सामग्री की गुणवत्ता की निगरानी करने में सहूलियत होगी। यदि किसी नमूने की जांच में गड़बड़ी सामने आती है, तो विभाग संबंधित एजेंसी से जवाब मांग सकता है और नियमों के तहत कार्रवाई कर सकता है। इससे सड़क निर्माण में लापरवाही और घटिया सामग्री के इस्तेमाल पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है।



