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खेमनीचक इंटरचेंज दिसंबर में शुरू, पटना मेट्रो को मिलेगा इंटरचेंज, दिसंबर तक दौड़ेगी मेट्रो सेवा

नए इंटरचेंज स्टेशन के शुरू होने से मेट्रो के दोनों कॉरिडोर के बीच यात्रियों की आवाजाही आसान होगी और नेटवर्क का विस्तार तेज होगा।

पटना। पटना मेट्रो से सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। खेमनीचक मेट्रो स्टेशन को दिसंबर 2026 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। यह स्टेशन पटना मेट्रो का पहला बड़ा इंटरचेंज स्टेशन होगा, जहां से यात्री कॉरिडोर-1 और कॉरिडोर-2 के बीच कनेक्ट हो सकेंगे। इससे शहर के अलग-अलग हिस्सों में आने-जाने वाले लोगों को मेट्रो बदलने की सुविधा मिलेगी।

खेमनीचक क्यों है खास?

खेमनीचक स्टेशन को पटना मेट्रो नेटवर्क में अहम स्थान दिया गया है। पटना मेट्रो के आधिकारिक रूट मैप के मुताबिक, कॉरिडोर-1 दानापुर से मीठापुर होते हुए खेमनीचक तक जाता है, जबकि कॉरिडोर-2 पटना जंक्शन से गांधी मैदान, राजेंद्र नगर, मलाही पकड़ी होते हुए खेमनीचक और आगे पाटलिपुत्र बस टर्मिनल तक जाता है। खेमनीचक इन दोनों कॉरिडोर का इंटरचेंज स्टेशन है।

इसका मतलब यह है कि भविष्य में यात्रियों को शहर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में जाने के लिए सड़क मार्ग पर निर्भरता कम हो सकती है। खेमनीचक से पूर्वी पटना के कई इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।

पहले अक्टूबर तक था लक्ष्य

खेमनीचक स्टेशन को लेकर पहले अक्टूबर 2026 तक तैयार करने का लक्ष्य सामने आया था। बाद के अपडेट में स्टेशन को दिसंबर तक चालू करने की बात कही गई है। स्टेशन पर निर्माण और फिनिशिंग से जुड़े काम पूरे किए जा रहे हैं।

32.5 किलोमीटर का नेटवर्क

पटना मेट्रो की योजना शहर में करीब 32.5 किलोमीटर का नेटवर्क विकसित करने की है। इसमें दो मुख्य कॉरिडोर शामिल हैं। आधिकारिक रूट मैप के अनुसार कॉरिडोर-1 की लंबाई करीब 17.93 किलोमीटर और कॉरिडोर-2 की लंबाई 14.57 किलोमीटर है। कॉरिडोर-1 में दानापुर, सगुना मोड़, आरपीएस मोड़, पाटलिपुत्र, राजा बाजार, पटना जू, मीठापुर, रामकृष्ण नगर और जगनपुरा होते हुए खेमनीचक तक स्टेशन प्रस्तावित हैं। वहीं कॉरिडोर-2 में पटना स्टेशन, आकाशवाणी, गांधी मैदान, पीएमसीएच, पटना विश्वविद्यालय, राजेंद्र नगर, मलाही पकड़ी और खेमनीचक समेत कई स्टेशन शामिल हैं।

यात्रियों को क्या फायदा होगा?

खेमनीचक इंटरचेंज शुरू होने के बाद मेट्रो यात्रियों को दो कॉरिडोर के बीच कनेक्शन मिलेगा। इससे खासकर पूर्वी पटना और शहर के दूसरे हिस्सों के बीच सफर आसान होने की उम्मीद है। इसके साथ ही जैसे-जैसे नए सेक्शन खुलेंगे, सड़क पर ट्रैफिक का दबाव कम करने और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने में भी मदद मिल सकती है।

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