
पटना: बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में विद्यार्थियों और युवाओं के लिए मुख्यमंत्री डिजिटल लाइब्रेरी योजना शुरू करने की घोषणा की है। योजना के तहत राज्य के सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों में डिजिटल लाइब्रेरी सेंटर बनाए जाएंगे। इसके लिए सरकार ने 94.50 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है।
इस पहल का मकसद उन छात्रों को पढ़ाई की बेहतर सुविधा देना है, जिन्हें घर पर कंप्यूटर, तेज इंटरनेट या अच्छी डिजिटल स्टडी सामग्री नहीं मिल पाती। इन केंद्रों में पढ़ाई के लिए जरूरी डिजिटल संसाधन मुफ्त उपलब्ध कराने की योजना है।
कंप्यूटर से लेकर इंटरनेट तक सुविधा
डिजिटल लाइब्रेरी में छात्रों को कंप्यूटर और हाई-स्पीड इंटरनेट की सुविधा मिलेगी। यहां ई-बुक्स, ऑनलाइन पढ़ाई की सामग्री और दूसरे डिजिटल शैक्षणिक संसाधनों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए भी अलग से स्टडी मैटेरियल उपलब्ध कराया जाएगा।
JEE, NEET और CLAT जैसी परीक्षाओं के अलावा भर्ती परीक्षाओं की तैयारी में भी इन केंद्रों से मदद मिलने की उम्मीद है। छात्रों को नौकरी, रोजगार पोर्टल और स्किल डेवलपमेंट से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।
पंचायत भवन से कॉलेज तक बन सकते हैं केंद्र
सरकार इन लाइब्रेरियों के लिए अलग से बड़ी इमारत बनाने के बजाय उपलब्ध सरकारी परिसरों का इस्तेमाल कर सकती है। जगह के हिसाब से पंचायत भवन, प्रखंड कार्यालय, नगर परिषद या नगर पंचायत भवन, विकास भवन, सामुदायिक पुस्तकालय और सरकारी स्कूल-कॉलेज परिसरों में केंद्र बनाए जा सकते हैं। इसके साथ ही पटना केबिस्कोमान भवन में 60 सीटों वाली मॉडल डिजिटल लाइब्रेरी बनाने की भी योजना है। प्रस्तावित केंद्रों के सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक चलने की संभावना है।
अभी आवेदन की तारीख तय नहीं
योजना की घोषणा और इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन अभी तक आवेदन, सदस्यता, आयु सीमा और पात्रता को लेकर सरकार ने विस्तृत नियम जारी नहीं किए हैं। इसलिए फिलहाल छात्रों को किसी वेबसाइट या पोर्टल पर आवेदन करने की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।
सरकारी दिशा-निर्देश जारी होने के बाद ही यह साफ होगा कि लाइब्रेरी का इस्तेमाल करने के लिए पंजीकरण की जरूरत होगी या नहीं।



