मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड: ICU में लगी आग से 3 मरीजों की मौत, 25 से अधिक मरीजों का रेस्क्यू

मुजफ्फरपुर | बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में गुरुवार तड़के एक निजी अस्पताल में लगी आग ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र स्थित प्रसाद हॉस्पिटल के आईसीयू (ICU) वार्ड में आग लगने के बाद धुआं तेजी से फैल गया, जिससे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में तीन मरीजों की मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालकर दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
तड़के ICU से उठने लगा धुआं
जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 3:30 से 4 बजे के बीच अस्पताल के आईसीयू वार्ड में धुआं उठता देखा गया। कुछ ही मिनटों में पूरा वार्ड धुएं से भर गया। उस समय ICU में कई गंभीर मरीज भर्ती थे, जिनमें कुछ ऑक्सीजन सपोर्ट पर भी थे।
धुआं फैलते ही मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल कर्मियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना तत्काल दमकल विभाग और प्रशासन को दी गई।
दमकल टीम ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। बचाव दल ने ICU वार्ड तक पहुंचने के लिए खिड़कियां और दरवाजे खोलकर मरीजों को बाहर निकालना शुरू किया। करीब दो घंटे तक चले अभियान में 25 से अधिक मरीजों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
रेस्क्यू के बाद मरीजों को मुजफ्फरपुर के विभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों में शिफ्ट किया गया, ताकि उनका इलाज जारी रह सके।
तीन मरीजों की मौत
जिला प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, हादसे में तीन मरीजों की मौत हुई है। शुरुआती जानकारी में मौत का कारण धुएं के कारण दम घुटना बताया जा रहा है। हालांकि, मौत के सटीक कारणों की पुष्टि मेडिकल जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
आग लगने के कारणों की जांच जारी
फायर विभाग ने आग पर काबू पा लिया है। आग लगने के पीछे शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि होगी।
अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस घटना के बाद निजी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ICU जैसे संवेदनशील वार्डों में फायर अलार्म, स्मोक डिटेक्टर, इमरजेंसी एग्जिट और नियमित फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य होने चाहिए।
प्रशासन ने संकेत दिया है कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुजफ्फरपुर का यह हादसा अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर करता है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित मरीजों का इलाज और घटना की निष्पक्ष जांच है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारण और जिम्मेदारी तय हो सकेगी।



