
पटना समेत बिहार के लाखों एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण खबर है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों—Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum—ने 10 लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले उपभोक्ताओं को एलपीजी सब्सिडी के दायरे से बाहर करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
कंपनियों की ओर से ऐसे उपभोक्ताओं को मोबाइल पर अलर्ट मैसेज भेजे जा रहे हैं। मैसेज में उपभोक्ताओं से अपनी आय संबंधी जानकारी अपडेट करने और पात्रता की पुष्टि करने को कहा गया है। निर्धारित समय के भीतर आवश्यक कार्रवाई नहीं करने पर गैस सब्सिडी बंद की जा सकती है।
क्या है नियम?
केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार यदि किसी परिवार की वार्षिक आय 10 लाख रुपये या उससे अधिक है, तो वह एलपीजी सब्सिडी का पात्र नहीं माना जाता। पति-पत्नी की संयुक्त आय को इसमें शामिल किया जाता है। यह नियम पहले से लागू है, लेकिन अब कंपनियां पात्र और अपात्र लाभार्थियों की पहचान के लिए विशेष अभियान चला रही हैं।
बिहार में लाखों उपभोक्ताओं को संदेश
गैस एजेंसियों के अनुसार बिहार के कई जिलों में उपभोक्ताओं को एसएमएस के माध्यम से जानकारी भेजी जा रही है। मैसेज में उपभोक्ताओं को अपनी जानकारी सत्यापित करने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। कई उपभोक्ताओं को 7 दिनों के भीतर कार्रवाई करने का अल्टीमेटम भी दिया गया है।
किन लोगों पर पड़ेगा असर?
- जिन परिवारों की वार्षिक आय 10 लाख रुपये से अधिक है।
- जिन्होंने आय संबंधी जानकारी अपडेट नहीं की है।
- जिनके रिकॉर्ड में विसंगति पाई जाती है।
ऐसे उपभोक्ताओं को भविष्य में एलपीजी सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा।
उपभोक्ताओं को क्या करना चाहिए?
यदि आपके मोबाइल पर इस प्रकार का कोई संदेश आया है, तो संबंधित गैस एजेंसी या आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी की जांच करें। सही जानकारी उपलब्ध कराने से अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकता है।



