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Bihar News: बिहार में बड़ी हलचल, पटना में IG सुनील नायक के घर आंध्र पुलिस का छापा, हत्या के प्रयास में गिरफ्तारी की तैयारी

आंध्र पुलिस ने पटना में बिहार अग्निशमन IG सुनील कुमार नायक के आवास पर छापा, हत्या के प्रयास (धारा 307) मामले में ट्रांजिट रिमांड की तैयारी, 2005 बैच IPS अधिकारी

Bihar News: बिहार की राजधानी पटना में सोमवार सुबह एक बड़ा प्रशासनिक और कानूनी घटनाक्रम सामने आया। आंध्र प्रदेश पुलिस की विशेष टीम शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र में स्थित बिहार अग्निशमन विभाग के महानिरीक्षक (IG) सुनील कुमार नायक के सरकारी आवास पर पहुंची। टीम ने काफी देर तक आवास के अंदर दस्तावेजों की जांच की और बातचीत की। स्थानीय पुलिस, सचिवालय एसडीपीओ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। इस घटना ने बिहार पुलिस और आंध्र प्रदेश के प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है।

सूत्रों के अनुसार आईजी सुनील कुमार नायक पर भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास) सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज है। आंध्र पुलिस उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर लेकर विजयवाड़ा या संबंधित कोर्ट ले जाने की तैयारी में है। फिलहाल उन्हें आवास के एक कमरे में निगरानी में रखा गया है। उनकी जमानत रद्द होने के बाद यह कार्रवाई तेज हुई है।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला आंध्र प्रदेश के पूर्व सांसद रघुराम कृष्णा राजू से जुड़ा है। वर्ष 2021 में जब सुनील कुमार नायक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर आंध्र प्रदेश के क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) में तैनात थे, उस दौरान पूर्व सांसद रघुराम कृष्णा राजू की गिरफ्तारी हुई थी। राजू ने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के दौरान उनके साथ मारपीट की गई और ओपन हार्ट सर्जरी के बाद भी उन्हें जबरन हिरासत में रखा गया। उनका दावा था कि तत्कालीन आंध्र सरकार की आलोचना करने के कारण उन्हें निशाना बनाया गया।

इस शिकायत पर न्यायालय के आदेश से FIR दर्ज हुई। वर्ष 2023 में पूर्व मुख्यमंत्री और दो अन्य आईपीएस अधिकारियों समेत कुल पांच लोगों पर साजिश रचने का अलग मामला भी दर्ज किया गया। आईजी नायक पर आरोप है कि उन्होंने पूर्व सांसद के साथ अमानवीय व्यवहार किया और हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। मामला काफी पुराना है लेकिन हाल ही में जमानत रद्द होने के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू हुई।

कौन हैं आईजी सुनील कुमार नायक?

सुनील कुमार नायक 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और बिहार कैडर से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में विभिन्न जिलों में एसपी और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। वर्ष 2019 में वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर आंध्र प्रदेश गए और वहां CID में करीब तीन वर्ष तक तैनात रहे। इस दौरान कई हाईप्रोफाइल जांचों में उनकी भूमिका रही।

वर्ष 2024 में आंध्र प्रदेश में सरकार परिवर्तन के बाद वे बिहार लौट आए और अग्निशमन एवं आपदा प्रबंधन विभाग में IG के पद पर तैनात हुए। वे बिहार में कई बड़े फायर सेफ्टी प्रोजेक्ट्स और आपदा प्रबंधन योजनाओं से जुड़े रहे हैं। उनकी अचानक गिरफ्तारी की यह कार्रवाई बिहार पुलिस के उच्चाधिकारियों के लिए भी चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा कर रही है।

मौके पर क्या हुआ?

सोमवार सुबह करीब 7-8 बजे आंध्र पुलिस की टीम पटना पहुंची। टीम ने शास्त्रीनगर स्थित IG आवास पर पहुंचकर स्थानीय पुलिस को सूचित किया। काफी देर तक आवास के अंदर बातचीत चली। दस्तावेजों की जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। बिहार पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को भी सूचना दी गई। फिलहाल IG नायक को आवास में ही निगरानी में रखा गया है। ट्रांजिट रिमांड के लिए पटना कोर्ट में आवेदन दाखिल होने की संभावना है।

Bihar News: दोनों राज्यों में उठे सवाल

यह घटना बिहार और आंध्र प्रदेश के बीच अंतर-राज्यीय कानूनी सहयोग पर सवाल खड़े कर रही है। बिहार में तैनात एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की गिरफ्तारी से प्रशासनिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। कुछ सूत्रों का कहना है कि यह मामला राजनीतिक रंग भी ले सकता है क्योंकि पूर्व सांसद रघुराम राजू ने कई बार केंद्र और राज्य सरकारों पर आरोप लगाए हैं।

बिहार पुलिस महानिदेशक और गृह विभाग के अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। यदि ट्रांजिट रिमांड मिलती है तो आईजी नायक को आंध्र प्रदेश ले जाया जाएगा, जहां कोर्ट में सुनवाई होगी। उनकी ओर से कानूनी टीम पहले से सक्रिय है और उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने की तैयारी चल रही है।

यह घटना बिहार में कानून-व्यवस्था और आईपीएस अधिकारियों की सुरक्षा पर भी बहस छेड़ सकती है। आगे की जांच और अदालती कार्रवाई पर सभी की नजर टिकी हुई है।

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