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Bihar News: राजगीर बनेगा 'ग्लोबल' टूरिस्ट हब, जू सफारी के टिकट होंगे डबल, अब रात में भी घूमेंगे पर्यटक

जू सफारी में टिकट 1000 से 2000, नाइट टूरिज्म, वीआर तकनीक, वेणु वन शाम 9 बजे तक खुलेगा, गैंडा सेंटर और गेस्ट हाउस की योजना

Bihar News: बिहार के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले शहर राजगीर को अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से काम शुरू हो गया है। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने राजगीर जू सफारी, नेचर सफारी और वेणु वन जैसे प्रमुख स्थलों पर आधुनिक सुविधाओं का विस्तार करने का विस्तृत खाका तैयार किया है। अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में पर्यटकों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, जिनमें टिकट क्षमता बढ़ाना, नाइट टूरिज्म शुरू करना और तकनीकी उन्नयन शामिल हैं।

मुख्य विकास योजनाएं और बदलाव

राजगीर पर्यटन को नई ऊंचाई देने के लिए विभाग ने बहुआयामी रणनीति अपनाई है। जू सफारी में प्रतिदिन जारी होने वाले टिकटों की संख्या 1,000 से बढ़ाकर 2,000 करने का फैसला किया गया है। इससे पर्यटकों को लंबी प्रतीक्षा से राहत मिलेगी और अधिक लोग सफारी का आनंद ले सकेंगे। टिकट बुकिंग को सरल बनाने के लिए परिसर में कम से कम 10 सेल्फ-सर्विस टिकट कियोस्क लगाए जाएंगे। साथ ही, ऑनलाइन बुकिंग में बल्क बुकिंग की सुविधा शुरू होगी, जहां एक बार में छह से अधिक टिकट बुक किए जा सकेंगे।

पर्यटकों की सुविधा के लिए अतिरिक्त वाहनों की खरीदारी की जाएगी। आने वाले पर्यटन सीजन, संभवतः सितंबर से, सफारी वाहनों की संख्या बढ़ाई जाएगी ताकि भीड़ प्रबंधन बेहतर हो। पिछले एक वर्ष में जू सफारी और नेचर सफारी में तीन लाख से अधिक पर्यटक आए, जिससे सरकार को 20 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। यह आंकड़ा विकास योजनाओं की सफलता को दर्शाता है।

आधुनिक तकनीक और सुविधाओं का विस्तार

युवा पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए जू सफारी में वर्चुअल रियलिटी (वीआर) तकनीक का उपयोग शुरू किया जाएगा। इससे पर्यटक वन्यजीवों के करीब महसूस करेंगे और रोमांचक अनुभव प्राप्त करेंगे। पहाड़ी और जंगली इलाकों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या दूर करने के लिए नए टावर स्थापित किए जाएंगे, जिससे संचार निर्बाध रहेगा।

पूरे पर्यटन क्षेत्र को दिव्यांग-अनुकूल बनाने की योजना है। परिसर में कैफेटेरिया, प्रतीक्षा कक्ष, बच्चों के खेल क्षेत्र और आरओ वाटर कूलर जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सुरक्षा और सहायता के लिए ‘वन मित्र’ की तैनाती होगी, जो मोबाइल गाड़ियों से गश्त करेंगे और पर्यटकों की मदद करेंगे। वैभव गिरी पर्वत और इंद्रशाला गुफा जैसे स्थलों पर गाइडेड टूर शुरू होंगे, जिसमें स्थानीय गाइड्स को पंजीकृत और वर्दी प्रदान की जाएगी।

नाइट टूरिज्म और सांस्कृतिक आकर्षण

राजगीर में शाम के समय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वेणु वन अब शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक खुला रहेगा। यहां प्रतिदिन स्थानीय कला-संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इससे पर्यटकों को शाम का नया अनुभव मिलेगा और स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान होगा। कुछ स्थानों पर स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां बावन बूटी और तसर सिल्क जैसे स्थानीय उत्पाद बिक सकेंगे।

वन्यजीव विविधता बढ़ाने के लिए गैंडों का सैटेलाइट सेंटर स्थापित किया जाएगा। शेर क्षेत्र का जीर्णोद्धार होगा और गौर, चिंकारा जैसे नए वन्यजीव लाए जाएंगे। सफारी अस्पताल को आधुनिक उपकरणों से लैस किया जाएगा।

ठहराव और अन्य पर्यटन सुविधाएं

अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर ने कहा कि पर्यटक राजगीर आते हैं लेकिन ठहर नहीं पाते। इसके समाधान के लिए वन विभाग 50-50 कमरों वाले गेस्ट हाउस तैयार करेगा, जिनकी ऑनलाइन बुकिंग संभव होगी। गया से राजगीर आने वाली सड़कों के दोनों ओर पौधरोपण कर ‘हेरिटेज पाथ’ बनाया जाएगा। घोड़ा कटोरा में कैफेटेरिया, पार्क और वाटर स्पोर्ट्स टूरिज्म जैसे नए कॉन्सेप्ट पर विचार चल रहा है।

ट्रैकिंग और रोमांचक गतिविधियों को बढ़ावा देने की भी योजना है। पर्यटकों के लिए सिंगल पार्किंग व्यवस्था लागू होगी, ताकि अलग-अलग स्थानों पर शुल्क न देना पड़े।

Bihar News: आर्थिक और सामाजिक प्रभाव

ये योजनाएं न केवल पर्यटन को बढ़ावा देंगी बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन करेंगी। अधिक पर्यटकों से स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ेगी और समुदाय की आय में इजाफा होगा। राजगीर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने का लक्ष्य है, जहां तकनीक, सुरक्षा, संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य एक साथ फलें-फूलें।

बिहार सरकार की यह पहल पर्यटन प्रबंधन का एक मॉडल साबित हो सकती है। तैयारियां अंतिम चरण में हैं और जल्द ही इन बदलावों का असर दिखाई देगा। पर्यटक अब राजगीर को और अधिक उत्साह से देखेंगे, जहां पुरानी विरासत नई सुविधाओं से जुड़ रही है।

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