Bihar News: रक्सौल में श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति, आचार्य अनिरुद्धाचार्य के सत्संग में भीड़ बेकाबू, कई घायल
आचार्य अनिरुद्धाचार्य के सत्संग में भीड़ बेकाबू, बच्चे बिछड़े, 20-25 लोग घायल। पुलिस ने संभाली स्थिति, आयोजकों पर सवाल।
Bihar News: बिहार के मोतिहारी जिले के रक्सौल में भारत-नेपाल सीमा के निकट आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ के दौरान रविवार को भीड़ बेकाबू हो गई। प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य अनिरुद्धाचार्य जी महाराज के सत्संग में हजारों श्रद्धालु एक साथ पहुंचे, जिससे आयोजन स्थल रक्सौल हवाई अड्डा परिसर में अव्यवस्था फैल गई। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कई लोग घायल हुए और कई बच्चे अपने अभिभावकों से बिछड़ गए।
पुलिस और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से हालात संभले। आयोजकों को फटकार लगाई गई और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल बुलाया गया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल रहा।
घटना कैसे हुई
रविवार दोपहर से शाम तक श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ चल रहा था। आचार्य अनिरुद्धाचार्य जी महाराज के प्रवचन के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बहुत तेजी से बढ़ गई। रक्सौल हवाई अड्डा परिसर में जगह कम होने से लोग एक-दूसरे पर चढ़ने लगे। धक्का-मुक्की शुरू हुई और कई लोग जमीन पर गिर गए।
कुछ लोगों ने चीखना-चिल्लाना शुरू किया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। कई महिलाएं और बच्चे दबाव में आ गए। स्थिति देखकर आयोजकों ने माइक पर शांत रहने की अपील की, लेकिन भीड़ पर काबू नहीं पाया गया। आचार्य अनिरुद्धाचार्य जी भी मंच से श्रद्धालुओं को शांत करने की कोशिश करते दिखे, लेकिन भीड़ बहुत ज्यादा थी।
घायलों की संख्या और बचाव कार्य
भगदड़ जैसी स्थिति में कई लोग घायल हुए। स्थानीय लोगों ने बताया कि कम से कम 20-25 लोग चोटिल हुए। कुछ की हालत गंभीर बताई गई। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। बच्चे अपने माता-पिता से बिछड़ गए। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर बच्चों को उनके अभिभावकों तक पहुंचाया।
प्रशासन ने घटना के बाद तुरंत राहत कार्य शुरू किया। कई एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज नहीं किया, बल्कि धीरे-धीरे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया।
प्रशासन और आयोजकों पर सवाल
घटना के बाद प्रशासन ने आयोजकों को फटकार लगाई। कहा गया कि इतनी बड़ी भीड़ के लिए पहले से बेहतर इंतजाम होने चाहिए थे। आयोजन स्थल पर जगह कम थी, लेकिन श्रद्धालुओं को रोकने या बैरिकेडिंग करने की व्यवस्था नहीं थी।
पुलिस ने बताया कि आयोजकों को पहले से हीड़ प्रबंधन के लिए चेतावनी दी गई थी, लेकिन इंतजाम नाकाफी रहे। प्रशासन ने कहा कि भविष्य में ऐसे बड़े आयोजनों के लिए अनुमति देने से पहले सख्त नियम लागू किए जाएंगे।
आचार्य अनिरुद्धाचार्य का बयान
आचार्य अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की भक्ति देखकर खुशी हुई, लेकिन अव्यवस्था से दुखी हैं। उन्होंने प्रशासन से बेहतर प्रबंधन की अपील की। साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
कथावाचक ने कहा कि उनकी कथा में आस्था के साथ-साथ शांति और अनुशासन का संदेश दिया जाता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से भी अपील की कि वे शांतिपूर्ण तरीके से कार्यक्रम में शामिल हों।
Bihar News: इलाके में तनाव, जांच शुरू
घटना के बाद रक्सौल में तनाव का माहौल रहा। कई लोग अपने घायल परिजनों के इलाज के लिए अस्पतालों में पहुंचे। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। आयोजकों से पूछताछ की जा रही है। प्रशासन ने कहा कि अगर लापरवाही पाई गई तो सख्त कार्रवाई होगी।
यह घटना बिहार में धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन की कमी को फिर से उजागर करती है। पिछले कुछ सालों में कई जगहों पर ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। प्रशासन और आयोजकों को अब सख्त इंतजाम करने होंगे।
रक्सौल में श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति ने एक बार फिर भीड़ प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने स्थिति संभाल ली है, लेकिन घायलों और बिछड़े बच्चों के परिवार में दुख का माहौल है।



