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Bihar Politics: उपेंद्र कुशवाहा ने नाराज विधायकों को मनाने की कोशिश की, माधव आनंद और आलोक सिंह से की मुलाकात

उपेंद्र कुशवाहा ने नाराज विधायकों माधव आनंद और आलोक कुमार सिंह से मुलाकात की, पार्टी में परिवारवाद को लेकर असंतोष, रामेश्वर महतो अनुपस्थित

Bihar Politics: राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने पार्टी के नाराज विधायकों को मनाने का प्रयास शुरू कर दिया है। शुक्रवार देर शाम उन्होंने पटना स्थित अपने आवास पर दो विधायकों माधव आनंद और आलोक कुमार सिंह से मुलाकात की। ये दोनों विधायक कुशवाहा से नाराज बताए जा रहे थे। पार्टी ने इस मुलाकात की तस्वीरें अपने फेसबुक पेज पर शेयर कीं।

पार्टी की पोस्ट में लिखा गया है कि उपेंद्र कुशवाहा अपने आवास पर विधायकों से गपशप करते हुए नजर आए। यह बैठक पार्टी में चल रही अंदरूनी कलह को कम करने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।

पार्टी में नाराजगी का मुख्य कारण

आरएलएम ने हाल ही में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में 6 सीटों पर चुनाव लड़ा और 4 सीटें जीतीं। इनमें कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता देवी सासाराम से विधायक चुनी गईं। लेकिन सरकार गठन के दौरान कुशवाहा ने अपने बेटे दीपक प्रकाश को नीतीश कुमार कैबिनेट में पंचायती राज मंत्री बना दिया। दीपक किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं।

इस फैसले से पार्टी के तीन विधायक माधव आनंद (मधुबनी), आलोक कुमार सिंह (दिनारा) और रामेश्वर महतो (बाजपट्टी) नाराज हो गए। उन्होंने परिवारवाद का आरोप लगाया। कई पदाधिकारियों ने इस्तीफा भी दे दिया। विधायकों ने कुशवाहा की लिट्टी पार्टी में हिस्सा नहीं लिया और भाजपा नेता नितिन नवीन के दही-चूड़ा भोज में दिखे। तीनों विधायकों ने दिल्ली में भी बैठक की और एकजुट होने का संदेश दिया।

बैठक का महत्व और स्थिति

यह मुलाकात पार्टी की एकता दिखाने की कोशिश है। लेकिन रामेश्वर महतो इस बैठक में शामिल नहीं हुए। इससे पार्टी में अभी भी असंतोष बाकी होने के संकेत मिलते हैं। आरएलएम एनडीए का हिस्सा है। विधायकों की बगावत से पार्टी की स्थिति कमजोर हो सकती है।

कुछ समय पहले आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने भी कुशवाहा से मुलाकात की थी। राजनीतिक जानकार इसे भाजपा की ओर से बगावत सुलझाने के प्रयास के रूप में देखते हैं।

Bihar Politics: पार्टी का बयान

आरएलएम ने मुलाकात को सामान्य बताया है। लेकिन पिछले घटनाक्रमों से साफ है कि पार्टी में परिवारवाद को लेकर असंतोष गहरा है। विधायकों का कहना है कि वे पार्टी में रहकर मुद्दे सुलझाना चाहते हैं।

यह घटनाक्रम बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर रहा है। एनडीए में आरएलएम की भूमिका महत्वपूर्ण है। कुशवाहा अब विधायकों को साथ रखने के लिए प्रयासरत हैं।

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