Bihar News: बिहार में अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई, करोड़ों का राजस्व वसूला, नीतीश सरकार की सख्ती से माफिया पर लगाम
नीतीश सरकार की सख्ती से करोड़ों राजस्व वसूला; माफिया पर लगाम, पर्यावरण सुरक्षित
Bihar News: बिहार में अवैध खनन पर नीतीश कुमार सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। पिछले कुछ महीनों में खनन विभाग और पुलिस ने संयुक्त रूप से 4500 से ज्यादा छापेमारी की है। इस कार्रवाई से करोड़ों रुपये का राजस्व वसूला गया है और अवैध खनन करने वाले माफिया पर प्रभावी लगाम लगी है। यह अभियान पूरे राज्य में चल रहा है, लेकिन पटना, गया, रोहतास, औरंगाबाद और नवादा जैसे जिलों में सबसे ज्यादा एक्शन देखा गया है। खनन मंत्री ने स्पष्ट कहा कि अवैध खनन से पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा था और सरकार को राजस्व का बड़ा घाटा सहना पड़ रहा था। अब सख्ती से इसे रोका जा रहा है और दोषियों से सख्ती से निपटा जा रहा है।
छापेमारी की संख्या और वसूली की राशि
खनन विभाग की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य भर में 4500 से ज्यादा छापेमारी की गई है। इन छापों में अवैध बालू, गिट्टी, पत्थर और अन्य खनिजों की खदानें टारगेट की गईं। वसूली की राशि करोड़ों रुपये में पहुंच चुकी है। कई जगहों पर एक ही छापे में लाखों रुपये का जुर्माना वसूला गया। विभाग ने अवैध खनन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को जब्त किया और मशीनों को सीज कर दिया। यह कार्रवाई दिन और रात दोनों समय चल रही है। पुलिस और खनन विभाग की संयुक्त टीमें लगातार सक्रिय हैं।
अवैध खनन के मुख्य इलाके और नुकसान
बिहार में अवैध खनन सबसे ज्यादा नदियों और पहाड़ी इलाकों में होता रहा है। सोन, गंगा, पुनपुन और अन्य नदियों से अवैध बालू निकासी आम थी। रोहतास और औरंगाबाद में पत्थर की अवैध खदानें चल रही थीं। इससे नदियां प्रदूषित हो रही थीं, बाढ़ का खतरा बढ़ रहा था और जमीन खोखली हो रही थी। सरकार को सालाना करोड़ों का राजस्व नुकसान हो रहा था। माफिया रात में भारी मशीनें लगाकर खनन करते थे। अब सख्ती से यह गतिविधि काफी हद तक रुकी है।
कार्रवाई कैसे हो रही है?
कार्रवाई बहुत सिस्टेमैटिक तरीके से की जा रही है। खनन विभाग को शिकायतें मिलती हैं या सैटेलाइट इमेज से अवैध खनन का पता चलता है। इसके बाद टीम तुरंत मौके पर पहुंचती है। मौके पर जुर्माना वसूला जाता है। वाहन और मशीनें जब्त की जाती हैं। बड़े मामलों में FIR दर्ज होती है। कई माफिया पर गैंगस्टर एक्ट लगाया गया है। पुलिस की मदद से रात में भी छापे मारकर सरप्राइज एक्शन लिया जा रहा है।
राजस्व में कितनी बढ़ोतरी हुई?
यह कार्रवाई से राजस्व में बड़ा इजाफा हुआ है। पहले अवैध खनन से सरकार को कुछ नहीं मिलता था। अब जुर्माने और वैध खनन से करोड़ों रुपये आ रहे हैं। यह पैसा राज्य के विकास कार्यों में लगेगा। खनन विभाग का कहना है कि 2026 तक राजस्व दोगुना करने का टारगेट है। वैध खनन को बढ़ावा देने के लिए नए लाइसेंस भी जारी किए जा रहे हैं।
पर्यावरण और जनता को फायदा
अवैध खनन से पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा था। नदियां गहरी हो रही थीं, बाढ़ का खतरा बढ़ रहा था और मिट्टी का कटाव हो रहा था। अब छापेमारी से यह सब रुका है। नदियां साफ रहेंगी और जमीन सुरक्षित रहेगी। जनता को भी राहत मिली है क्योंकि अवैध खनन से रेत और गिट्टी के दाम बहुत बढ़ गए थे। अब वैध सप्लाई से दाम कंट्रोल में आएंगे और निर्माण कार्य सस्ता होगा।
आगे की योजना क्या है?
सरकार का प्लान है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा। सैटेलाइट और ड्रोन से निगरानी बढ़ाई जाएगी। वैध खनन को बढ़ावा दिया जाएगा। नए लाइसेंस जारी होंगे। माफिया पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण और अन्य कदम उठाए जाएंगे।
Bihar News: अवैध खनन पर सख्ती सराहनीय
बिहार में अवैध खनन पर 4500 छापे और करोड़ों की वसूली बड़ी सफलता है। नीतीश सरकार की सख्ती से माफिया पर लगाम लगी है। राजस्व बढ़ा है और पर्यावरण सुरक्षित हुआ है। यह कार्रवाई जारी रहनी चाहिए ताकि बिहार का विकास तेज हो और जनता को राहत मिले।
बिहार के लोग अब उम्मीद कर रहे हैं कि विकास और सुरक्षा दोनों बढ़ेगी। सरकार की यह पहल सराहनीय है।



