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Bihar News: बिहार में IAS-IPS सहित सभी अधिकारियों की संपत्ति होगी सार्वजनिक, 31 मार्च तक वेबसाइट पर अपलोड होगा ब्योरा

IAS-IPS सहित सभी अफसरों का 2025 संपत्ति ब्योरा 31 मार्च तक वेबसाइट पर; पारदर्शिता बढ़ेगी

Bihar News: बिहार सरकार ने पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। अब IAS, IPS सहित राज्य के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की 2025 में अर्जित संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक किया जाएगा। यह जानकारी बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों ने 31 दिसंबर 2025 को अपनी संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक किया था। अब अधिकारियों की बारी है।

यह फैसला जनता के सामने सरकारी अधिकारियों की संपत्ति की जानकारी लाने का है। सरकार का कहना है कि इससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और पारदर्शिता बढ़ेगी। आइए, सरल शब्दों में समझते हैं कि यह योजना क्या है, किन अधिकारियों पर लागू होगी, समय सीमा क्या है और इससे क्या फायदा होगा।

किन अधिकारियों की संपत्ति होगी सार्वजनिक?

यह नियम बहुत व्यापक है। इसमें शामिल हैं

  • भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के सभी अधिकारी।
  • बिहार सिविल सेवा और अन्य सेवाओं के पदाधिकारी।
  • राज्य सरकार के अधीन कार्यरत सभी अफसर और कर्मचारी।
  • निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी।
  • समूह क से ग तक के सभी अधिकारी-कर्मचारी।

मतलब, छोटे से बड़े हर सरकारी कर्मचारी को अपनी संपत्ति का ब्योरा देना होगा। चल-अचल संपत्ति (घर, जमीन, गाड़ी आदि) और देनदारी (कर्ज आदि) की जानकारी शामिल होगी।

संपत्ति का ब्योरा कैसे और कब सार्वजनिक होगा?

बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन इस काम की जिम्मेदारी संभाल रहा है। समय सीमा इस प्रकार है

  • 9 जनवरी 2026 तक: सभी अधिकारी मिशन के निर्धारित फॉर्मेट में संपत्ति का ब्योरा पंजीकृत करेंगे।
  • 15 जनवरी 2026 तक: सूची को सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा।
  • 15 मार्च 2026 तक: सभी अधिकारी-कर्मचारी अपनी चल-अचल संपत्ति और देनदारी के दस्तावेज हस्ताक्षर करके मिशन कार्यालय में जमा करेंगे।
  • 31 मार्च 2026 तक: पूरी जानकारी मिशन की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। जनता इसे देख सकेगी।

मिशन के निदेशक बी. राजेंद्र ने सभी विभागों (अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, प्रमंडलीय आयुक्त और जिलाधिकारी) को पत्र भेजकर निर्देश दिए हैं। यह काम प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

क्यों लिया गया यह फैसला?

सरकार का मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके मंत्रियों ने पहले खुद अपनी संपत्ति सार्वजनिक की। अब अधिकारियों की बारी है। इससे

  • जनता को पता चलेगा कि अधिकारी कितनी संपत्ति रखते हैं।
  • भ्रष्टाचार पर नजर रखी जा सकेगी।
  • अधिकारी साफ-सुथरे काम करने के लिए प्रेरित होंगे।
  • आय से ज्यादा संपत्ति के मामलों की जांच आसान होगी।

यह कदम बिहार को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में है।

इससे आम जनता को क्या फायदा?

  • पारदर्शिता: जनता अपने अधिकारियों की संपत्ति देख सकेगी।
  • भ्रष्टाचार पर लगाम: गलत तरीके से संपत्ति बनाने वालों पर नजर।
  • विश्वास बढ़ेगा: सरकार और अधिकारियों पर जनता का भरोसा मजबूत होगा।
  • जांच आसान: अगर कोई शिकायत हो, तो संपत्ति की जानकारी उपलब्ध होगी।

ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों के लोग इससे फायदा उठा सकेंगे। वेबसाइट पर जानकारी फ्री देखी जा सकेगी।

विभागों को क्या निर्देश दिए गए?

मिशन ने सभी विभागों को कहा है कि

  • अधिकारी समय पर ब्योरा जमा करें।
  • दस्तावेज सही और हस्ताक्षरित हों।
  • कोई देरी न हो।

अगर कोई अधिकारी नहीं जमा करता, तो कार्रवाई हो सकती है।

पहले क्या हुआ था?

31 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री और सभी कैबिनेट मंत्रियों ने अपनी संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक किया। यह परंपरा कई सालों से चली आ रही है। अब अधिकारियों को भी शामिल करके इसे और व्यापक बनाया गया है।

Bihar News: पारदर्शिता की नई मिसाल

बिहार सरकार ने IAS-IPS सहित सभी अधिकारियों की संपत्ति सार्वजनिक करने का फैसला लेकर पारदर्शिता की नई मिसाल कायम की है। 31 मार्च 2026 तक वेबसाइट पर ब्योरा अपलोड हो जाएगा। जनता को अधिकारियों की संपत्ति की जानकारी मिलेगी। यह कदम भ्रष्टाचार रोकने और अच्छे शासन की दिशा में है।

बिहार सरकार की यह पहल सराहनीय है। उम्मीद है कि अन्य राज्य भी ऐसा करेंगे।

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