
Bihar politics: बिहार में एक बार फिर लालू परिवार और नीतीश कुमार सरकार आमने-सामने आ गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 19 साल से मिला सरकारी बंगला (10 सर्कुलर रोड) खाली करने का नोटिस भेजा गया है। इसके जवाब में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने साफ कह दिया है, “डेरा किसी भी कीमत पर खाली नहीं होगा।
क्यों भेजा गया राबड़ी देवी को नोटिस?
बिहार हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन सरकारी बंगला देने का नियम रद्द कर दिया था। इसके बाद नीतीश सरकार ने राबड़ी देवी को नया बंगला (39 हार्डिंग रोड) आवंटित किया और पुराना बंगला खाली करने को कहा। सरकार का कहना है कि 10 सर्कुलर रोड का बंगला अब विधान परिषद में विपक्ष के नेता के लिए आरक्षित है।
आरजेडी ने दी खुली चुनौती
बुधवार को आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ कहा, जो उखाड़ना है उखाड़ लो, लेकिन बंगला नहीं छोड़ेंगे। यह राजनीतिक बदले की कार्रवाई है। नीतीश कुमार 20 साल से सत्ता में हैं, अब अचानक याद आया? उन्होंने आगे कहा, “लालू-राबड़ी परिवार को अपमानित करने की कोशिश की जा रही है। हम कानूनी और सड़क दोनों जगह लड़ाई लड़ेंगे।”
तेजस्वी यादव भी मैदान में
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा, “नीतीश जी, बंगला छीनने से बिहार की जनता का भला नहीं होगा। यह सिर्फ बदले की भावना है।”
आगे क्या होगा?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अगर सरकार ज़बरदस्ती बंगला खाली कराने की कोशिश करती है तो आरजेडी पूरे बिहार में आंदोलन कर सकती है। यह मामला आने वाले विधानसभा सत्र में भी गरमा सकता है।
बिहार की जनता अब देख रही है कि नीतीश सरकार इस अल्टीमेटम का क्या जवाब देती है।



