1 जून से बिहार में बस यात्रा महंगी, साधारण से वॉल्वो तक बढ़ा किराया

पटना: बिहार में 1 जून 2026 से बसों में सफर करना महंगा हो जाएगा। राज्य के परिवहन विभाग ने सभी श्रेणी की बसों के किराए में बढ़ोतरी की अधिसूचना जारी कर दी है। नई दरें 1 जून से पूरे राज्य में लागू होंगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक किराए में लगभग 10 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है, जिसका असर साधारण, डीलक्स, एसी और वॉल्वो बसों पर पड़ेगा।
पांच साल बाद बढ़ा बस किराया
जानकारी के अनुसार बिहार में बस किराए की दरों में करीब पांच वर्षों बाद संशोधन किया गया है। परिवहन विभाग का कहना है कि डीजल, वाहन रखरखाव, स्पेयर पार्ट्स और परिचालन लागत लगातार बढ़ने के कारण किराया बढ़ाना आवश्यक हो गया था।
किन यात्रियों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?
नई दरें लागू होने के बाद रोजाना बस से यात्रा करने वाले लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। खासकर:
- नौकरीपेशा कर्मचारी
- छात्र-छात्राएं
- छोटे व्यवसायी
- लंबी दूरी के यात्री
को पहले की तुलना में अधिक किराया देना होगा। राज्य के विभिन्न शहरों और जिलों के बीच चलने वाली बस सेवाओं में भी किराया बढ़ने की संभावना है।
परिवहन विभाग ने क्यों लिया फैसला?
बस ऑपरेटर लंबे समय से किराया बढ़ाने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि बढ़ती ईंधन कीमतों और रखरखाव खर्च के कारण वर्तमान किराया संरचना आर्थिक रूप से व्यवहारिक नहीं रह गई थी। हाल के दिनों में कई परिवहन संगठनों ने किराया बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया था
डीजल की कीमतें भी बनीं बड़ी वजह
देशभर में डीजल की कीमतों में समय-समय पर बदलाव और परिवहन लागत में वृद्धि का सीधा असर बस संचालन पर पड़ता है। परिवहन क्षेत्र से जुड़े संगठनों का कहना है कि बढ़ती लागत के बीच पुराने किराए पर सेवाएं चलाना मुश्किल हो रहा था।
1 जून से लागू होंगी नई दरें
परिवहन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार नई किराया दरें 1 जून 2026 से प्रभावी होंगी। विभिन्न श्रेणी की बसों के लिए प्रति किलोमीटर और सेवा श्रेणी के आधार पर अलग-अलग किराया निर्धारित किया गया है।
यात्रियों की नजर अब सुविधाओं पर
किराया बढ़ने के बाद यात्रियों की उम्मीद रहेगी कि बस सेवाओं की गुणवत्ता, समयबद्धता, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था में भी सुधार किया जाए। कई यात्रियों का मानना है कि यदि किराया बढ़ाया गया है तो सुविधाएं भी उसी अनुपात में बेहतर होनी चाहिए।



