बिहार के 40 पुलिस जिलों में रात में होगी निगरानी, 36 वरिष्ठ अफसरों को मिली जिम्मेदारी
डीजीपी प्रीता वर्मा के निर्देश पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जिलों में रातभर गश्ती करेंगे, लंबित मामलों और कानून-व्यवस्था की जमीनी स्थिति की समीक्षा भी करेंगे।

पटना। बिहार में अपराध पर लगाम लगाने और पुलिसिंग व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नई निगरानी व्यवस्था लागू की जा रही है। राज्य के सभी 40 पुलिस जिलों में रात के समय सुरक्षा और पुलिस गश्ती की निगरानी पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके लिए एडीजी, आईजी और डीआईजी स्तर के 36 वरिष्ठ अधिकारियों को जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये अधिकारी अपने आवंटित जिलों में रात बिताकर पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का जायजा लेंगे।
तीन स्तरों पर होगी निगरानी
पुलिस मुख्यालय की योजना के तहत गश्ती व्यवस्था की निगरानी तीन स्तरों पर की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पुलिस की मौजूदगी केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि रात में भी सड़कों और संवेदनशील इलाकों में प्रभावी सुरक्षा बनी रहे।
अपराध से लेकर लंबित केस तक की होगी समीक्षा
जिलों में पहुंचने वाले वरिष्ठ अधिकारी कई अहम बिंदुओं पर जांच करेंगे।
रात में पुलिस गश्ती और संवेदनशील इलाकों की निगरानी।
लंबित आपराधिक मामलों के अनुसंधान और निष्पादन की स्थिति।
वारंट, इश्तिहार और कुर्की से जुड़े मामलों की प्रगति।
थानों की कार्यप्रणाली और पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही।
महिला अपराध और अन्य गंभीर मामलों में पुलिस की कार्रवाई।
डीजीपी को देनी होगी रिपोर्ट
इस व्यवस्था में नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारी सिर्फ निरीक्षण तक सीमित नहीं रहेगी। उन्हें जिलों में सामने आने वाली समस्याओं और सुधार की जरूरतों की जानकारी पुलिस मुख्यालय तक पहुंचानी होगी। डीजीपी प्रीता वर्मा के निर्देश पर शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य अपराध नियंत्रण, बेहतर गश्ती और पुलिस की जवाबदेही को मजबूत करना है।



