
पटना। बिहार के बेगूसराय जिले को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है। राज्य सरकार ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के नाम पर रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में 23 सितंबर को हुई बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। विश्वविद्यालय की स्थापना से जुड़े शुरुआती खर्च और पदाधिकारियों-कर्मचारियों के वेतन आदि के लिए 15 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति भी दी गई है।
दिनकर की जयंती पर मिला बड़ा तोहफा
बेगूसराय को यह विश्वविद्यालय ऐसे समय में मिला है, जब राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती का अवसर है। दिनकर का जन्म बेगूसराय जिले के सिमरिया में हुआ था। ऐसे में उनके नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना को जिले के लिए महत्वपूर्ण शैक्षणिक फैसला माना जा रहा है।
सरकार के इस फैसले से बेगूसराय और आसपास के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए नए विकल्प मिलने की उम्मीद है। विश्वविद्यालय बनने के बाद क्षेत्र में कॉलेजों और उच्च शिक्षा से जुड़ी गतिविधियों को एक नया संस्थागत आधार मिल सकता है।
बिहार विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत होगी स्थापना
मंत्रिपरिषद ने इस विश्वविद्यालय की स्थापना को बिहार विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 के तहत मंजूरी दी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय के अधिकार क्षेत्र में बेगूसराय और खगड़िया जिलों के संबद्ध एवं अंगीभूत कॉलेज शामिल होंगे। हालांकि, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेज इसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आएंगे।
15 करोड़ रुपये की मिली प्रशासनिक मंजूरी
विश्वविद्यालय की स्थापना के शुरुआती चरण के लिए सरकार ने 15 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है। यह राशि मुख्य रूप से पदाधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन समेत स्थापना से जुड़े खर्चों के लिए होगी।
उच्च शिक्षा के लिए बढ़ेंगे अवसर
बेगूसराय में विश्वविद्यालय बनने से जिले के साथ-साथ खगड़िया क्षेत्र के विद्यार्थियों को भी फायदा मिलेगा। खास तौर पर स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा का विस्तार होगा और विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही स्नातक, स्नातकोत्तर और अन्य उच्च शिक्षा से जुड़े अवसर मिलने का रास्ता मजबूत हो सकता है।
पटना में बनेगी माता सीता महिला विश्वविद्यालय
बिहार सरकार ने इसी कैबिनेट बैठक में पटना में माता सीता विश्वविद्यालय की स्थापना को भी मंजूरी दी है। दोनों विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए 15-15 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।



