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बिहार में अवैध खनन पर सरकार की बड़ी सख्ती, गंभीर उल्लंघनों पर ₹10 लाख तक जुर्माना; CCTV और GPS होंगे अनिवार्य

पटना | बिहार सरकार ने बालू, गिट्टी और मिट्टी जैसे लघु खनिजों के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। संशोधित प्रावधानों के तहत अब विभिन्न प्रकार के उल्लंघनों पर ₹5,000 से लेकर ₹10 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। गंभीर या दोहराए गए मामलों में अधिकतम दंड ₹10 लाख तक पहुंच सकता है।

यह बदलाव खान एवं भूतत्व विभाग, बिहार सरकार द्वारा लागू किए गए संशोधित नियमों के तहत किए गए हैं, जिनका उद्देश्य अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण, प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और राज्य के राजस्व में वृद्धि करना है।

क्या हैं प्रमुख नए प्रावधान?

  • अवैध खनन और परिवहन पर कड़े जुर्माने
  • बालू, गिट्टी और मिट्टी के अवैध खनन, बिना अनुमति ढुलाई या अनुचित भंडारण के मामलों में अब उल्लंघन की प्रकृति के अनुसार दंड लगाया जाएगा। छोटे उल्लंघनों पर जुर्माना कुछ हजार रुपये से शुरू हो सकता है, जबकि गंभीर मामलों में यह राशि ₹10 लाख तक पहुंच सकती है।
  • CCTV, GPS और इलेक्ट्रॉनिक धर्मकांटा अनिवार्य
  • खनन गतिविधियों की निगरानी के लिए अब निम्न व्यवस्थाएं अनिवार्य की गई हैं CCTV कैमरे,GPS ट्रैकिंग सिस्टम.
  • CCTV फुटेज को कम से कम छह महीने तक सुरक्षित रखना होगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर जांच एजेंसियां रिकॉर्ड की जांच कर सकें।
  • बिना अनुमति परिवहन पर अलग दंड

यदि कोई वाहन बिना वैध अनुमति या निर्धारित नियमों के विरुद्ध खनिजों का परिवहन करता पाया जाता है, तो उस पर अलग से जुर्माना लगाया जा सकता है।

 

खनन पट्टों पर नई शर्तें

  • एक बंदोबस्तधारी को 200 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र खनन के लिए नहीं दिया जाएगा।
  • बालू घाट के 500 मीटर के दायरे में अवैध खनन की सूचना मिलने पर संबंधित बंदोबस्तधारी को प्रशासन को सूचित करना होगा।
  • नियमों के गंभीर उल्लंघन में शामिल व्यक्तियों के लिए भविष्य में खनन पट्टा प्राप्त करना कठिन हो सकता है।

सरकार का उद्देश्य

  • बिहार सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था से अवैध खनन नेटवर्क पर अंकुश लगेगा,
  • ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन पर नियंत्रण होगा,
  • खनन व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी,
  • प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा होगी,
  • और राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी।

बिहार सरकार की यह नई नियमावली राज्य में अवैध खनन के खिलाफ एक महत्वपूर्ण और कड़ा कदम मानी जा रही है। हालांकि हर उल्लंघन पर सीधे ₹10 लाख का जुर्माना नहीं लगेगा, लेकिन गंभीर या बार-बार होने वाले नियम उल्लंघनों पर इतनी बड़ी राशि तक दंड लगाया जा सकता है। CCTV, GPS और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी व्यवस्था के अनिवार्य होने से अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण की उम्मीद की जा रही है।

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