
पटना: बिहार की राजनीति में इन दिनों एक नई चर्चा जोर पकड़ रही है। हाल ही में राज्य मंत्रिमंडल में शामिल किए गए निशांत कुमार और दीपक प्रकाश को जल्द ही बिहार विधान परिषद भेजा जा सकता है। राजनीतिक गलियारों में दोनों नेताओं को MLC बनाए जाने की अटकलें तेज हैं।
विधान परिषद की 10 सीटें हो सकती हैं खाली
सूत्रों के मुताबिक, आने वाले समय में बिहार विधान परिषद की करीब 10 सीटें खाली होने की संभावना है। इन सीटों पर चुनाव या नामांकन के बाद नए सदस्यों के लिए रास्ता खुल सकता है। इसी संदर्भ में निशांत कुमार और दीपक प्रकाश के नाम चर्चा में हैं।
मंत्री बनने के बाद छह महीने में सदस्य बनना जरूरी
भारतीय संविधान के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति मंत्री बनाया जाता है लेकिन वह विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य नहीं है, तो उसे छह महीने के भीतर किसी एक सदन का सदस्य बनना अनिवार्य होता है। ऐसा नहीं होने पर उसे मंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है।
निशांत कुमार की सक्रिय राजनीति में बड़ी एंट्री
निशांत कुमार, मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के पुत्र हैं। लंबे समय तक सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखने के बाद हाल ही में उन्हें राज्य मंत्रिमंडल में स्वास्थ्य मंत्री के रूप में शामिल किया गया। यदि वे एमएलसी बनते हैं, तो इसे उनकी औपचारिक राजनीतिक पारी की महत्वपूर्ण शुरुआत माना जाएगा।
दीपक प्रकाश का भी नाम चर्चा में
राज्य सरकार में मंत्री बनाए गए दीपक प्रकाश को भी विधान परिषद भेजे जाने की संभावना जताई जा रही है। इससे वे संवैधानिक रूप से मंत्री पद पर बने रह सकेंगे।
निष्कर्ष
हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन बिहार की राजनीति में यह चर्चा तेज है कि निशांत कुमार और दीपक प्रकाश जल्द ही बिहार विधान परिषद के सदस्य बन सकते हैं। आने वाले दिनों में इस पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।



