
पटना। बिहार में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने हेली-टूरिज्म और एयर टूरिज्म सेवा शुरू की है। मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना 2026 के तहत पर्यटक अब कम समय में राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक हवाई सफर कर सकेंगे। योजना के पहले चरण में पटना से वाल्मीकिनगर, राजगीर और कैमूर स्थित मां मुंडेश्वरी मंदिर को हवाई सेवा से जोड़ा गया है।
योजना का पहला चरण 15 जुलाई से शुरू हुआ है। 15 जनवरी 2027 तक चलेगा। सरकार यात्रियों को बड़ी सब्सिडी दे रही है, जिसके कारण हवाई यात्रा का किराया सामान्य लागत की तुलना में काफी कम रखा गया है।
₹2,100 में पटना के ऊपर हेलीकॉप्टर राइड
हेलीकॉप्टर से उड़ान का अनुभव लेने के इच्छुक लोगों के लिए पटना में 10 मिनट की जॉय राइड की सुविधा दी गई है। इसका किराया ₹2,100 प्रति यात्री है। यह सेवा शनिवार और रविवार को दोपहर 3 बजे से हर 30 मिनट पर उपलब्ध होगी। यात्री टिकट की ऑनलाइन बुकिंग बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम (BSTDC) के माध्यम से कर सकते हैं।
इन जगहों तक पहुंचेगी हवाई सेवा
योजना के तहत पटना से वाल्मीकिनगर की एक तरफ की यात्रा का किराया ₹5,000 रखा गया है। पटना से राजगीर जाने के लिए ₹4,000, जबकि पटना से कैमूर स्थित मां मुंडेश्वरी मंदिर जाने के लिए ₹6,000 देने होंगे।
वाल्मीकिनगर अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के लिए जाना जाता है। वहीं राजगीर बौद्ध, जैन और हिंदू धर्म से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों के कारण पर्यटकों के बीच खास पहचान रखता है। कैमूर का मां मुंडेश्वरी मंदिर भी धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र है।
सरकार दे रही बड़ी सब्सिडी
सरकार के अनुसार, पटना-वाल्मीकिनगर सेवा पर प्रति टिकट ₹12,522, पटना-कैमूर पर ₹11,522, पटना-राजगीर पर ₹13,522 और पटना जॉय राइड पर ₹15,422 तक की सब्सिडी दी जा रही है। सेवा की वास्तविक लागत करीब ₹17,522 प्रति व्यक्ति बताई गई है।
खराब मौसम, तकनीकी खराबी या अन्य संचालन संबंधी कारणों से उड़ान रद्द होने पर यात्रियों को पूरा रिफंड मिलेगा। इस योजना से धार्मिक, ऐतिहासिक और इको-टूरिज्म स्थलों तक पहुंच आसान होने के साथ बिहार में पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।



