बिहार में ई-वाहनों को मिलेगा बढ़ावा, चार्जिंग स्टेशन लगाने पर सरकार देगी ₹2.25 लाख तक अनुदान
बिहार: बिहार में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है। अब सार्वजनिक या निजी स्तर पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने वालों को उपकरण खरीद पर 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। इस योजना के तहत एसी और डीसी चार्जर लगाने पर अधिकतम ₹2.25 लाख तक की सहायता राशि मिल सकती है।
क्या है सरकार की योजना?
बिहार परिवहन विभाग के अनुसार राज्य में ई-वाहनों के उपयोग को बढ़ाने और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने के लिए यह योजना लागू की गई है। इसका उद्देश्य शहरों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी चार्जिंग सुविधाओं का विस्तार करना है।
किस तरह के चार्जरों पर मिलेगा अनुदान?
सरकार ने विभिन्न प्रकार के चार्जिंग उपकरणों पर अलग-अलग सीमा तक सहायता देने का प्रावधान किया है—
- धीमे और मध्यम एसी चार्जर लगाने पर पहले 450 यूनिट तक अधिकतम ₹75,000 का अनुदान।
- तेज एसी चार्जर लगाने पर पहले 450 यूनिट तक अधिकतम ₹2.25 लाख तक सहायता।
- मध्यम क्षमता वाले डीसी चार्जर लगाने पर भी अधिकतम ₹2.25 लाख तक प्रोत्साहन राशि।
सरकारी संस्थानों को भी मिलेगा लाभ
राज्य सरकार के निगम, बोर्ड, नगर निकाय और लोक उपक्रम अपनी जमीन पर सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित कर सकेंगे। ऐसे संस्थानों को भी योजना के तहत प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
आवासीय परिसरों में भी लग सकेंगे चार्जिंग स्टेशन
आवासीय भवनों, वेलफेयर एसोसिएशनों और सरकारी गृह समितियों को निजी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए कम से कम पांच कार पार्किंग स्पेस होना आवश्यक होगा।
पर्यावरण और रोजगार दोनों को मिलेगा फायदा
सरकार का मानना है कि चार्जिंग नेटवर्क मजबूत होने से लोग अधिक संख्या में इलेक्ट्रिक वाहन अपनाएंगे। इससे:
- पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम होगी,
- वायु प्रदूषण घटेगा,
- पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा,
- और नए व्यवसाय तथा रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
क्यों है यह योजना महत्वपूर्ण?
ईवी चार्जिंग स्टेशन की कमी इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रसार में बड़ी बाधा मानी जाती रही है। इस अनुदान योजना से बिहार में निजी निवेश बढ़ने और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को नई गति मिलने की उम्मीद है.



