
पटना। बिहार में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने और अपराध पर प्रभावी रोक लगाने को लेकर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में सभी जिलों के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) शामिल हुए। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि कानून-व्यवस्था को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए और इसका असर जमीन पर भी दिखाई देना चाहिए।

SP को जिले की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी
बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि पुलिस अधीक्षक अपने जिले में पुलिस बल का नेतृत्व करते हुए कानून-व्यवस्था की स्थिति पर लगातार नजर रखें। अपराध की घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस की मौजूदगी भी सड़कों और संवेदनशील इलाकों में बढ़ाने पर जोर दिया गया। उन्होंने अधिकारियों को नियमित गश्ती और फील्ड विजिट बढ़ाने के निर्देश दिए। अनुमंडल स्तर तक निगरानी व्यवस्था मजबूत रखने और जहां जरूरत हो, वहां रणनीतिक स्थानों पर चेकपोस्ट लगाने को कहा गया।
लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
समीक्षा बैठक में पुलिस अधिकारियों के प्रदर्शन को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया। निर्देश दिया गया कि जिन अधिकारियों का कामकाज कमजोर है या जो अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से नहीं निभा रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। जरूरत पड़ने पर ऐसे अधिकारियों को जिम्मेदारी से हटाने का भी निर्देश दिया गया। मुख्य सचिव ने साफ किया कि प्रशासन की कार्यशैली में ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के साथ ही आम लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।
जिलों में जाएंगे मुख्यालय के पुलिस अधिकारी
पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों को अलग-अलग जिलों से जोड़ा जाएगा। ये अधिकारी संबंधित जिलों में जाकर फील्ड विजिट करेंगे और स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था की वास्तविक स्थिति की समीक्षा करेंगे। उन्हें जरूरत के मुताबिक जिलों में रात्रि विश्राम करने का निर्देश भी दिया गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल कागजी रिपोर्ट पर निर्भर रहने के बजाय मौके पर जाकर पुलिसिंग और सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति को समझना है।
त्योहारों को लेकर बढ़ेगी निगरानी
आने वाले त्योहारों को देखते हुए सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। स्थानीय स्तर पर इंटेलिजेंस नेटवर्क को मजबूत करने और संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन को सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े मामलों में पहले से तैयारी रखने को कहा गया है।
फेक न्यूज फैलाने वालों पर होगी त्वरित कार्रवाई
बैठक में सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं का मुद्दा भी उठा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि ऐसी फेक न्यूज, जिससे सामाजिक सद्भाव या शांति प्रभावित हो सकती है, उसकी तुरंत निगरानी की जाए। अफवाह फैलाने या उसे बढ़ावा देने वाले लोगों के खिलाफ कानून के तहत त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया।
जनता के फीडबैक से भी होगा अधिकारियों का मूल्यांकन
बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने कहा कि जिलों में अधिकारियों के कामकाज की लगातार समीक्षा की जाएगी। इसमें उनकी त्वरित प्रतिक्रिया, जनता से मिलने वाला फीडबैक और जमीन पर सुरक्षा व्यवस्था में दिख रहा बदलाव अहम आधार होंगे। सरकार का जोर ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था पर है, जिसमें अपराध पर तुरंत प्रतिक्रिया मिले और लोगों को सुरक्षित माहौल का भरोसा हो।



