बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए नीतीश कुमार ने दिया एक माह का वेतन, मुख्यमंत्री राहत कोष में सौंपा चेक
बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जनप्रतिनिधियों से की सहयोग की अपील

पटना। बिहार में बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री राहत कोष में अपने एक महीने का वेतन दिया है। 24 सितंबर को उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को इसका चेक सौंपा। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उपनेता ललन कुमार सर्राफ भी मौजूद रहे।
आपदा की घड़ी में पीड़ितों की मदद जरूरी
नीतीश कुमार ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ की वजह से कई परिवार मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे में सरकार राहत और पुनर्वास के काम में जुटी है, ताकि प्रभावित लोगों को जरूरी सहायता जल्द मिल सके।
उन्होंने कहा कि आपदा के समय केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं होती, बल्कि समाज के सक्षम लोगों और जनप्रतिनिधियों को भी अपनी भूमिका निभानी चाहिए। इसी सोच के तहत उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष में अपने एक महीने के वेतन का अंशदान किया है।
सरकार के राहत कार्यों में सहयोग की अपील
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। राहत और पुनर्वास से जुड़े प्रयासों को और मजबूती देने के लिए समाज के अन्य लोगों को भी आगे आना चाहिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और सक्षम लोगों से अपील की कि वे अपनी क्षमता के अनुसार मुख्यमंत्री राहत कोष में योगदान करें। इससे बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए चलाए जा रहे राहत कार्यों को अतिरिक्त मजबूती मिल सकती है।
मुख्यमंत्री को सौंपा गया चेक
नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात के दौरान अपना चेक सौंपा। इस मौके पर मौजूद नेताओं ने भी बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा की। बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने का काम जारी है। ऐसे में मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया गया यह अंशदान बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए चलाए जा रहे प्रयासों में योगदान के तौर पर देखा जा रहा है।



