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आज शाम 7 बजे बिहार के 6 जिलों में बजेगा सायरन, 15 मिनट के लिए होगा ब्लैकआउट; पटना समेत प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

सायरन सुनते ही बंद करनी होगी हर रोशनी, लेकिन घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं

पटना: अगर आज, गुरुवार 14 मई 2026 की शाम 7 बजे अचानक सायरन की आवाज सुनाई दे, तो घबराइए नहीं। यह किसी वास्तविक आपात स्थिति का संकेत नहीं, बल्कि नागरिक सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी को परखने के लिए आयोजित किया जा रहा एक विशेष ब्लैकआउट मॉक ड्रिल है।

केंद्र सरकार और राज्य प्रशासन के निर्देश पर बिहार के छह जिलों में नागरिक सुरक्षा (Civil Defence) विभाग द्वारा यह अभ्यास कराया जा रहा है। इस दौरान आज शाम 7:00 बजे से 7:15 बजे तक, यानी कुल 15 मिनट के लिए लोगों से अपने घरों, दुकानों, कार्यालयों और गोदामों की सभी लाइटें बंद रखने को कहा गया है।

किन जिलों में होगा यह अभ्यास?

यह मॉक ड्रिल बिहार के छह जिलों में आयोजित की जा रही है, जिनमें राजधानी पटना भी शामिल है। इन जिलों में जिला प्रशासन, नागरिक सुरक्षा, पुलिस, अग्निशमन सेवा, स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियां संयुक्त रूप से भाग लेंगी।

पटना प्रशासन ने क्या कहा?

पटना समाहरणालय के नागरिक सुरक्षा कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, सायरन बजते ही नागरिकों को निम्न निर्देशों का पालन करना होगा:

  • घर, दुकान, कार्यालय और गोदाम की सभी लाइटें बंद करें।
  • इन्वर्टर, जनरेटर, बैटरी, टॉर्च और मोबाइल फ्लैशलाइट बंद रखें।
  • खिड़कियों और रोशनदानों को पर्दों या कपड़ों से ढक दें ताकि बाहर रोशनी दिखाई न दे।
  • वाहन चालक सुरक्षित स्थान पर वाहन रोककर हेडलाइट बंद कर दें।
  • खुले में मोबाइल की रोशनी, टॉर्च, दिया या लालटेन का उपयोग न करें।

क्यों किया जा रहा है यह अभ्यास?

इस ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का उद्देश्य हवाई हमले जैसी आपात परिस्थितियों में प्रशासन और आम नागरिकों की तैयारी को परखना है। इसके माध्यम से यह देखा जाएगा कि संकट की स्थिति में लोग कितनी तेजी से सुरक्षा निर्देशों का पालन करते हैं।

घबराने की जरूरत नहीं

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक सुरक्षा अभ्यास है। इसका उद्देश्य नागरिकों को सतर्क और तैयार करना है। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांत रहकर प्रशासन का सहयोग करें।

प्रशासन की अपील

आज शाम 7 बजे सायरन बजे तो इसे चेतावनी नहीं, बल्कि तैयारी की परीक्षा समझें।

सिर्फ 15 मिनट का सहयोग भविष्य में किसी बड़ी आपात स्थिति से बचाव में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

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