Bihar News: हाजीपुर की दवा कंपनी ट्रिडस रेमेडीज के बच्चों के कफ सिरप में मिला जहरीला एथिलीन ग्लाइकोल, कई राज्यों में लगा प्रतिबंध
ट्रिडस रेमेडीज के Almont-Kid Syrup में 1.48% एथिलीन ग्लाइकोल मिला, तेलंगाना-हिमाचल में प्रतिबंध
Bihar News: बिहार के हाजीपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित ट्रिडस रेमेडीज कंपनी द्वारा बनाए गए बच्चों के कफ सिरप में जहरीला रसायन एथिलीन ग्लाइकोल मिलने के बाद तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों में इसकी बिक्री और इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लग गया है। कंपनी का मुख्य गेट कई दिनों से ताला लगा हुआ मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले में अलर्ट जारी किया है और जल्द कार्रवाई की बात कही है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला Almont-Kid Syrup (Levocetirizine Dihydrochloride और Montelukast Sodium Syrup) से जुड़ा है। इस सिरप का बैच नंबर AL-24002 है, जो जनवरी 2025 में बना था और दिसंबर 2026 तक वैध था। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की कोलकाता लैब की जांच में इस बैच में एथिलीन ग्लाइकोल की मात्रा 1.48% तक पाई गई। यह मात्रा निर्धारित सीमा (0.1%) से कई गुना ज्यादा है।
एथिलीन ग्लाइकोल एक जहरीला रसायन है, जो मुख्य रूप से एंटीफ्रीज और औद्योगिक सॉल्वेंट में इस्तेमाल होता है। दवाओं में इसका कोई स्थान नहीं है। बच्चों के लिए यह रसायन बहुत खतरनाक है। इससे किडनी फेलियर, नर्वस सिस्टम पर असर और गंभीर मामलों में मौत भी हो सकती है।
किन-किन राज्यों में लगा प्रतिबंध?
तेलंगाना ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन (TGDCA) ने सबसे पहले इस बैच पर ‘स्टॉप यूज नोटिस’ जारी किया। इसके बाद हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और कुछ अन्य राज्यों ने भी इस सिरप की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगा दी। सभी डॉक्टरों और फार्मेसियों को निर्देश दिए गए हैं कि इस बैच का सिरप न बेचें और न ही इस्तेमाल करवाएं।
कंपनी की मौजूदा स्थिति
हाजीपुर औद्योगिक थाना क्षेत्र में स्थित ट्रिडस रेमेडीज का गेट कई दिनों से बंद पड़ा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कंपनी में कोई गतिविधि नहीं हो रही है और मुख्य द्वार पर ताला लगा हुआ है। कंपनी का पता है – प्लॉट नंबर D-42, D-43, फेज-II, इंडस्ट्रियल एरिया, हाजीपुर, वैशाली-844102, बिहार।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने बताया कि कंपनी पर जल्द सख्त कार्रवाई हो सकती है। जांच पूरी होने के बाद उत्पादन लाइसेंस रद्द करने या अन्य कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।
स्वास्थ्य विभाग की अपील
बिहार स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि अगर उनके पास इस बैच का सिरप है तो उसे तुरंत फेंक दें। बच्चों को सर्दी-खांसी या एलर्जी के लिए यह सिरप आमतौर पर दिया जाता था, लेकिन अब इससे पूरी तरह बचना जरूरी है। विभाग ने कहा है कि कोई भी दवा खरीदते समय बैच नंबर और एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें।
पिछले मामलों से सबक
पिछले कुछ सालों में भारत में जहरीले कफ सिरप से जुड़े कई मामले सामने आए हैं, जिनमें बच्चों की मौतें हुई थीं। इन घटनाओं के बाद दवा निर्माण और जांच में सख्ती बढ़ाई गई है। यह मामला भी उसी श्रृंखला का हिस्सा लगता है, जिससे फार्मा कंपनियों पर और अधिक निगरानी की जरूरत बढ़ गई है।
Bihar News: आगे क्या होगा?
ड्रग्स कंट्रोलर और पुलिस की संयुक्त टीम जांच कर रही है। कंपनी के मालिकों और जिम्मेदार अधिकारियों से पूछताछ की जा सकती है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद अदालत में मामला जाएगा। स्वास्थ्य विभाग लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध दवा की सूचना देने की अपील कर रहा है।



