One Nation One Election: लोकसभा ने कमेटी का समय बढ़ाया, विपक्ष ने जताई चिंता
लोकसभा ने बिना बहस JPC का कार्यकाल बढ़ाया; बीजद ने छोटे दलों के खत्म होने की चिंता जताई।

One Nation One Election: लोकसभा ने बुधवार 11 दिसंबर 2025 को ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ (वन नेशन वन इलेक्शन) की जांच करने वाली संयुक्त संसदीय समिति (JPC) का कार्यकाल 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दिया। यह प्रस्ताव बिना बहस के पास हो गया। भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने इसका समर्थन किया, जबकि कई विपक्षी दल चुप रहे या वॉकआउट कर गए। समिति की रिपोर्ट अब अगले बजट सत्र में आएगी।
बीजद सांसद ने पूछा – छोटे दलों का क्या होगा?
बीजू जनता दल (बीजद) के सांसद मुजिबुल्ला खान ने सबसे पहले सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “एक साथ चुनाव होने से छोटे और क्षेत्रीय दलों का नामोनिशान मिट जाएगा। सब कुछ राष्ट्रीय पार्टियों के हाथ में चला जाएगा।” बीजद ने पहले भी इस बिल का विरोध किया था। टीएमसी, डीएमके, सपा और वाईएसआर कांग्रेस ने भी यही डर जताया कि इससे लोकतंत्र कमजोर होगा। कांग्रेस ने कहा कि सरकार जल्दबाजी कर रही है, पहले सभी दलों से बात होनी चाहिए।
दिल्ली की जहरीली हवा पर भी हंगामा
इसी दिन सदन में दिल्ली की खराब हवा पर भी जोरदार हंगामा हुआ। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा, “दिल्ली का AQI 400 के पार है, बच्चे बीमार पड़ रहे हैं, लेकिन केंद्र कुछ नहीं कर रहा।” उन्होंने पराली जलाने और पड़ोसी राज्यों की जिम्मेदारी पर सवाल उठाया। जवाब में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि दिल्ली सरकार खुद सबसे ज्यादा जिम्मेदार है। दोनों तरफ से नारेबाजी हुई और स्पीकर ने सदन कुछ देर के लिए स्थगित कर दिया।
लोकसभा में आज कुल 12 बिल पास हुए, लेकिन ‘एक देश एक चुनाव’ सबसे बड़ा मुद्दा रहा। सरकार का दावा है कि इससे हर साल चुनाव का खर्च बचेगा और विकास कार्य रुकेंगे नहीं। विपक्ष कहता है कि यह संविधान के संघीय ढांचे पर हमला है। अब सबकी नजर मार्च 2026 में आने वाली JPC रिपोर्ट पर है। देखना यह है कि छोटे दलों की चिंता सुनी जाती है या नहीं।



