Tej Pratap Yadav: लालू यादव पहुंचे तेज प्रताप के घर, दही-चूड़ा भोज में शामिल; क्या सामान्य हो गए रिश्ते?
मकर संक्रांति पर दही-चूड़ा भोज में शामिल, क्या सामान्य हो रहे रिश्ते?
Tej Pratap Yadav: बिहार की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव के घर पहुंचे और मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित दही-चूड़ा भोज में शामिल हुए। यह घटना इसलिए खास है क्योंकि लंबे समय से चले आ रहे पिता-पुत्र के बीच तनाव के बाद यह पहली बार है जब लालू यादव तेज प्रताप के नए घर पहुंचे। सियासी गलियारों में अब सवाल उठने लगा है कि क्या लालू परिवार में रिश्ते सामान्य हो रहे हैं?
विवाद के बाद अलग हुए थे तेज प्रताप यादव
तेज प्रताप यादव कुछ समय पहले एक लड़की के साथ फोटो वायरल होने के विवाद में फंस गए थे। इस घटना के बाद लालू प्रसाद यादव ने उन्हें RJD और परिवार से अलग कर दिया था। तेज प्रताप ने अपना घर छोड़ दिया और अलग रहने लगे। इसके बाद उन्होंने अपनी अलग पार्टी बनाई और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में अपनी पार्टी के सिंबल से चुनाव लड़े, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इस पूरे विवाद के बाद से लालू यादव और तेज प्रताप के बीच कोई सार्वजनिक मुलाकात नहीं हुई थी।
13 जनवरी को दिया था निमंत्रण
तेज प्रताप यादव ने 13 जनवरी को सोशल मीडिया पर पोस्ट करके बताया था कि उन्होंने अपने पिता लालू प्रसाद यादव, माता राबड़ी देवी और छोटे भाई तेजस्वी यादव से मुलाकात की। उन्होंने 10 सर्कुलर रोड स्थित अपने आवास पर जाकर आशीर्वाद लिया और मकर संक्रांति (14 जनवरी) के अवसर पर होने वाले “ऐतिहासिक दही-चूड़ा भोज” के लिए निमंत्रण दिया। तेज प्रताप ने अपनी भतीजी कात्यायनी को गोद में खिलाने का जिक्र भी किया। इस पोस्ट से साफ संकेत मिला था कि परिवार में मुलाकात का सिलसिला शुरू हो चुका है।
14 जनवरी को लालू पहुंचे भोज में
14 जनवरी को मकर संक्रांति के मौके पर तेज प्रताप के घर दही-चूड़ा भोज का आयोजन हुआ। लालू प्रसाद यादव इस भोज में शामिल हुए। यह उनके लिए पहला मौका था जब वे विवाद के बाद तेज प्रताप के घर पहुंचे। भोज में लालू यादव के साथ राबड़ी देवी भी मौजूद थीं। हालांकि, तेज प्रताप के मामा साधु यादव और प्रभुनाथ यादव भी भोज में पहुंचे, लेकिन जब साधु यादव आए तब तक लालू यादव घर से निकल चुके थे।
इसके अलावा भोज में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी शामिल हुए, जिससे इस कार्यक्रम को और महत्व मिला।
Tej Pratap Yadav: क्या रिश्ते सामान्य हो रहे हैं?
सियासी जानकारों का मानना है कि लालू यादव का तेज प्रताप के घर पहुंचना और भोज में शामिल होना परिवार में सामंजस्य की शुरुआत हो सकती है। हालांकि, अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है कि क्या तेज प्रताप को फिर से RJD में शामिल किया जाएगा या नहीं। लेकिन यह मुलाकात परिवार में तनाव कम होने का संकेत जरूर दे रही है।
तेज प्रताप ने इस मौके पर परिवार के साथ समय बिताया और भतीजी के साथ अच्छे पल साझा किए। यह घटना बिहार की राजनीति में यादव परिवार की एकता को लेकर नई चर्चा शुरू कर सकती है।



