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Shambhu Hostel Case: पटना NEET छात्रा मौत मामले में 35 दिन बाद भी सुराग तलाश रही SIT, अब 8 और संदिग्धों का होगा DNA टेस्ट

35 दिन बीतने के बाद भी दोषी नहीं पकड़ा गया, अब 8 और संदिग्धों का DNA टेस्ट, CBI जांच की सिफारिश। परिवार-समाज में गुस्सा।

Shambhu Hostel Case: पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत का मामला अब भी अनसुलझा है। घटना को 35 दिन बीत चुके हैं, लेकिन विशेष जांच दल (SIT) को अभी तक यौन हिंसा के दोषी का कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। जांच टीम लगातार कोशिशों में जुटी है। अब SIT ने 8 और संदिग्धों का ब्लड सैंपल लेकर DNA टेस्ट कराने का फैसला लिया है।

घटना का पूरा क्रम

6 जनवरी 2026 को छात्रा हॉस्टल में बेहोश हालत में मिली थी। उसे तुरंत निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। 9 जनवरी को चित्रगुप्त नगर थाने में मामला दर्ज किया गया। 11 जनवरी को इलाज के दौरान छात्रा की मौत हो गई।

मौत के एक दिन बाद मेडिकल बोर्ड गठित कर पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में पोस्टमार्टम कराया गया। बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट के ही पुलिस ने निजी अस्पताल के डॉक्टर के बयान के आधार पर कहा कि यौन हिंसा की पुष्टि नहीं हुई।

15 जनवरी को पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि यौन हिंसा से इंकार नहीं किया जा सकता। इसी दिन हॉस्टल बिल्डिंग के मालिक को गिरफ्तार किया गया।

डीजीपी के आदेश पर SIT का गठन हुआ। 25 जनवरी को फॉरेंसिक बायोलॉजिकल जांच रिपोर्ट आई। रिपोर्ट में छात्रा के अंतर्वस्त्र पर मानव स्पर्म के अवशेष मिलने की पुष्टि हुई। इसके बाद चित्रगुप्त नगर थानेदार और कदमकुआं अपर थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया गया।

SIT की अब तक की जांच

SIT ने छात्रा की ट्रैवल हिस्ट्री, मोबाइल कॉल डिटेल्स, सीसीटीवी फुटेज, हॉस्टल के आसपास के लोगों से पूछताछ और जहानाबाद में भी कई लोगों के बयान दर्ज किए। अंतर्वस्त्र से मिले स्पर्म के अवशेष का DNA प्रोफाइल तैयार कराया गया। अब तक 20 से अधिक संदिग्धों का ब्लड सैंपल लेकर DNA मिलान कराया जा चुका है।

अब SIT ने 8 और संदिग्धों का ब्लड सैंपल लेने का निर्णय लिया है। SIT की एक टीम दोबारा जहानाबाद पहुंची है। टीम वहाँ के कुछ लोगों से दोबारा पूछताछ कर रही है।

SIT की चुनौतियाँ और सवाल

35 दिन बीत जाने के बाद भी SIT के पास मुख्य सवालों के जवाब नहीं हैं:

  • छात्रा के साथ यौन हिंसा कब और कहाँ हुई?

  • दोषी कौन है या कौन लोग हैं?

  • हॉस्टल में सुरक्षा व्यवस्था की कितनी लापरवाही थी?

  • क्या हॉस्टल मालिक या अन्य लोग इसमें शामिल थे?

SIT ने अब तक कई दिशाओं में जांच की है, लेकिन निर्णायक सबूत नहीं मिल पाया है। पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठते रहे हैं। पहले यौन हिंसा से इनकार किया गया, फिर रिपोर्ट आने के बाद माना गया। थानेदार और अपर थानाध्यक्ष के निलंबन के बाद भी कई लोग कहते हैं कि जांच में अभी भी गंभीरता की कमी है।

सीबीआई जांच की अनुशंसा

31 जनवरी को बिहार सरकार ने केंद्र से इस मामले की CBI जांच की अनुशंसा कर दी। लेकिन केंद्र से अभी कोई अंतिम फैसला नहीं आया है। SIT फिलहाल जांच जारी रखे हुए है।

Shambhu Hostel Case: परिवार और समाज में गुस्सा

छात्रा के परिवार ने कई बार कहा है कि उन्हें न्याय चाहिए। समाज में भी इस मामले पर गुस्सा है। लोग कहते हैं कि NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाली छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। हॉस्टल में सुरक्षा की कमी और पुलिस की शुरुआती लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं।

पटना में इस घटना ने पूरे बिहार में हलचल मचा दी है। SIT की जांच पर सबकी नजरें टिकी हैं। अगर जल्द कोई ठोस सुराग नहीं मिला तो CBI जांच की मांग और तेज हो सकती है।

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