Political News: सुधांशु त्रिवेदी का धारदार वार, कांग्रेस का पुराना दौर खत्म, विपक्ष बेनकाब
राज्यसभा में बोले त्रिवेदी- अब सीसीटीवी, वोटर आईडी से निष्पक्ष चुनाव, विपक्ष बेनकाब।

Political News: राज्यसभा में 11 दिसंबर 2025 को चुनाव सुधारों पर बहस के दौरान भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस के पुराने समय को याद दिलाते हुए कहा कि बूथ लूट, बैलेट बॉक्स चोरी और गोलीबारी के दौर में वे वोट हासिल करते थे। अब सीसीटीवी, वोटर आईडी, स्वतंत्र मीडिया और न्यायपालिका से उनका दौर खत्म हो गया। त्रिवेदी ने भारत को सबसे जीवंत लोकतंत्र बताया। सदन में उनके तथ्यों और शेरों-ओ-शायरी से विपक्ष असहज नजर आया। यह बहस ईवीएम, SIR और चुनावी पारदर्शिता पर चल रही है।
नेहरू का पत्र और अंबेडकर की हार का जिक्र
सुधांशु त्रिवेदी ने इतिहास के पन्ने पलटते हुए बताया कि देश की पहली चुनाव याचिका डॉ. अंबेडकर ने दाखिल की थी। नेहरू ने अपनी जीत के बाद एडविना माउंटबेटन को पत्र लिखकर खुशी जताई। त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस का एकछत्र राज तब खत्म हुआ जब साक्षरता 50 फीसदी पार हुई और निष्पक्ष व्यवस्था आई। उन्होंने पूछा कि क्या विपक्ष पुराने तरीकों की वापसी चाहता है? त्रिवेदी ने कांग्रेस को बूथ कैप्चरिंग और धांधली का प्रतीक बताया। सदन में भाजपा सदस्यों ने तालियां बजाईं, जबकि विपक्ष चुप रहा। यह भाषण सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
भारत सबसे जीवंत लोकतंत्र, विपक्ष को आईना दिखाया
त्रिवेदी ने कहा कि पूर्वी यूरोप से जापान तक सिर्फ तीन लोकतंत्र हैं – भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान। लेकिन भारत सबसे जीवंत और जीवंत लोकतंत्र है। उन्होंने आपातकाल का जिक्र कर कांग्रेस पर निशाना साधा। कहा कि पुराने समय में बैलेट बॉक्स लूटकर वोट लिए जाते थे, अब ऐसा नहीं हो सकता। त्रिवेदी ने विपक्ष से पूछा कि क्या वे ईवीएम पर शक करके पुराना दौर लौटाना चाहते हैं? उनके भाषण से सदन गूंज उठा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बहस चुनाव सुधारों को नई दिशा देगी। विपक्ष अब जवाब की तैयारी में जुटा है। देखना यह है कि बहस आगे क्या मोड़ लेती है।



