Patna News: पटना में जेपी सेतु पर बड़ी कार्रवाई, कार से 16.5 लाख रुपये नकद बरामद, आयकर विभाग को सौंपी जांच
पटना के जेपी सेतु चेक पोस्ट पर कार से 16 लाख 50 हजार रुपये नकद बरामद, तीन संदिग्ध हिरासत में, वैध स्रोत नहीं बताया तो आयकर विभाग को सौंपी जांच
Patna News: बिहार की राजधानी पटना में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और अवैध लेन-देन पर लगाम कसने के लिए पुलिस का सघन अभियान जारी है। इसी क्रम में शुक्रवार को दीघा थाना पुलिस ने जेपी सेतु चेक पोस्ट पर एक नियमित वाहन जांच के दौरान एक कार से 16 लाख 50 हजार रुपये नकद बरामद किए। कार में सवार तीन व्यक्तियों से नकदी के वैध स्रोत के बारे में संतोषजनक जानकारी नहीं मिलने पर उन्हें हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने तुरंत आयकर विभाग को सूचित कर दिया है और अब विभागीय जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
यह घटना पटना शहर में बढ़ते अवैध नकदी लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों के बीच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अभियान न केवल अपराध को रोकने में मदद करते हैं बल्कि काले धन पर भी अंकुश लगाते हैं।
संदिग्ध कार पर चेकिंग के दौरान मिली बड़ी रकम
दीघा थाना पुलिस की टीम जेपी सेतु पर नियमित चेकिंग अभियान चला रही थी। यह पुल पटना और सोनपुर को जोड़ता है और यहां से आने-जाने वाले वाहनों की जांच अक्सर की जाती है। शुक्रवार दोपहर के आसपास एक कार संदिग्ध लगी, जिसे टीम ने रोका। कार पटना से जा रही थी और इसमें तीन लोग सवार थे।
पुलिस ने वाहन की गहन तलाशी ली तो पिछली सीट पर रखा एक बैग मिला। बैग खोलने पर उसमें ढेर सारी नोटों की गड्डियां थीं। मौके पर ही रकम की गिनती की गई, जिसमें कुल 16 लाख 50 हजार रुपये नकद पाए गए। यह राशि विभिन्न मूल्यवर्ग के नोटों में थी, जो आमतौर पर बड़ी लेन-देन में इस्तेमाल होती है।
पुलिस ने तीनों व्यक्तियों से पूछताछ शुरू की। उन्होंने नकदी के बारे में कोई स्पष्ट दस्तावेज या वैध स्रोत नहीं बताया। न तो कोई बैंक स्टेटमेंट था और न ही कोई लेन-देन का प्रमाण। जब वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए तो पुलिस ने एहतियातन उन्हें हिरासत में ले लिया और दीघा थाने लाई।
आयकर विभाग को सूचना, जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई
प्रारंभिक जांच में जब नकदी का कोई वैध स्रोत नहीं मिला तो पुलिस ने तुरंत आयकर विभाग की टीम को सूचित किया। आयकर विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी। विभाग का कहना है कि ऐसी राशि यदि बिना वैध स्रोत के पाई जाती है तो यह आयकर अधिनियम की धाराओं के तहत जांच का विषय बनता है।
पुलिस अधीक्षक स्तर के एक अधिकारी ने बताया कि बरामद नकदी को सुरक्षित रखा गया है। जांच पूरी होने तक इसे जब्त रखा जाएगा। यदि जांच में अवैध स्रोत पाया जाता है तो संबंधित धाराओं में कार्रवाई होगी। इसमें मनी लॉन्ड्रिंग, टैक्स चोरी या अन्य आर्थिक अपराध शामिल हो सकते हैं।
पटना में बढ़ रहे ऐसे मामले, पुलिस का सख्त रुख
पटना में पिछले कुछ महीनों में वाहन चेकिंग के दौरान बड़ी रकम बरामद होने के कई मामले सामने आए हैं। जेपी सेतु जैसे महत्वपूर्ण चेक पोस्ट पर पुलिस की नजर खासतौर से रहती है क्योंकि यहां से बिहार के विभिन्न जिलों और पड़ोसी राज्यों में नकदी का आवागमन होता है।
पिछले दिनों भी इसी इलाके में स्कूटी और अन्य वाहनों से लाखों रुपये बरामद हुए थे। पुलिस का मानना है कि चुनाव, व्यापारिक लेन-देन या अन्य कारणों से नकदी का अवैध परिवहन बढ़ा है। ऐसे में सघन चेकिंग अभियान चलाकर पुलिस अपराधियों पर दबाव बनाए रख रही है।
नकदी परिवहन के नियम क्या कहते हैं?
भारत में 2 लाख रुपये से अधिक नकदी एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने पर स्रोत बताना अनिवार्य है। आयकर विभाग के नियमों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति बड़ी राशि बिना वैध प्रमाण के ले जा रहा है तो जांच हो सकती है। हाल के वर्षों में सरकार ने डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा दिया है ताकि काले धन पर नियंत्रण रहे।
Patna News: आम लोगों के लिए सलाह
पुलिस की ओर से आमजन को सलाह दी गई है कि यदि कोई बड़ी राशि नकद ले जा रहा है तो उसके पास बैंक से निकासी का प्रमाण, इनकम टैक्स रिटर्न या अन्य दस्तावेज जरूर रखें। बिना दस्तावेज के यात्रा करने से परेशानी हो सकती है। साथ ही, संदिग्ध गतिविधि दिखने पर पुलिस को सूचित करने की अपील की गई है।
यह कार्रवाई पटना पुलिस की सतर्कता और समर्पण को दर्शाती है। जांच के नतीजे आने के बाद मामले में और खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल तीनों व्यक्तियों से पूछताछ जारी है और आयकर विभाग की रिपोर्ट का इंतजार है।



