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Patna Hostel Case: पटना NEET छात्रा मौत मामले में पुलिस की थ्योरी पलटी, फॉरेंसिक रिपोर्ट ने खोली पोल

शंभू गर्ल्स हॉस्टल केस में बड़ा मोड़; FSL रिपोर्ट में स्पर्म मिला, यौन हिंसा की पुष्टि, डीएनए अब गेमचेंजर

Patna Hostel Case: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही 18 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब तेजी से उलझता जा रहा है। शुरुआती जांच में पुलिस ने इसे आत्महत्या या प्राकृतिक मौत बताया था, लेकिन फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट और मेडिकल जांच ने पूरी कहानी पलट दी है। छात्रा के कपड़ों पर मिले वीर्य के निशान (स्पर्म) ने यौन हिंसा की पुष्टि कर दी है। अब जांच डीएनए मैचिंग पर टिकी है, जिससे कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

घटना की पूरी टाइमलाइन

  • 6 जनवरी 2026: जहानाबाद जिले की रहने वाली 18 वर्षीय छात्रा चित्रगुप्त नगर स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में बेहोशी की हालत में मिली। उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।

  • 11 जनवरी 2026: इलाज के दौरान हालत बिगड़ने पर मेदांता अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

  • शुरुआती पुलिस बयान: पटना पुलिस ने दावा किया कि कोई यौन हिंसा या हमले के सबूत नहीं मिले। इसे आत्महत्या का मामला बताया गया।

  • परिजनों का विरोध: परिवार ने इसे हत्या बताया और दावा किया कि छात्रा के साथ दुष्कर्म हुआ। उन्होंने कपड़े पुलिस को सौंपे, जिनकी जांच FSL में हुई।

  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट: मौत से पहले यौन उत्पीड़न की आशंका जताई गई। शरीर पर चोटें और अन्य निशान मिले।

  • FSL रिपोर्ट (जनवरी 2026 के अंत में): छात्रा के अंडरगारमेंट्स पर स्पर्म (वीर्य) के निशान मिले। यह यौन हिंसा की पुष्टि करता है। FSL ने स्पर्म से डीएनए प्रोफाइल तैयार की।

  • अन्य खुलासे: एंटीडिप्रेसेंट दवाओं की अधिक मात्रा का संकेत मिला, लेकिन अब फोकस यौन हिंसा पर है।

फॉरेंसिक और मेडिकल रिपोर्ट ने पलटी थ्योरी

पुलिस की शुरुआती थ्योरी (आत्महत्या या प्राकृतिक मौत) अब कमजोर पड़ गई है। FSL रिपोर्ट में स्पर्म मिलने से साफ हो गया कि मौत से पहले दुष्कर्म हुआ। मेडिकल रिपोर्ट में शरीर पर चोटें, आंतरिक क्षति और अन्य निशान मिले, जो सामान्य मौत से मेल नहीं खाते।

पोस्टमार्टम में यौन हिंसा की आशंका पहले से जताई गई थी, लेकिन FSL की बायोलॉजिकल रिपोर्ट ने इसे पुख्ता कर दिया। अब जांच टीम (SIT) डीएनए मैचिंग पर फोकस कर रही है। स्पर्म से डीएनए प्रोफाइल तैयार हो चुकी है। संदिग्धों (हॉस्टल स्टाफ, अन्य छात्राओं के जानकार या बाहरी लोग) के सैंपल लिए जा रहे हैं। मैच होने पर गिरफ्तारी तय है।

जांच में फंसे पेच

  1. टाइमलाइन में विरोधाभास

    छात्रा कब बेहोश हुई, किसने सूचना दी, हॉस्टल से अस्पताल तक का समय – ये सब स्पष्ट नहीं। गवाहों के बयान मेल नहीं खाते। CCTV फुटेज में भी गैप्स हैं।

  2. हॉस्टल की सुरक्षा में खामी

    अनधिकृत प्रवेश, कम सुरक्षा, देर से सूचना – हॉस्टल मालिक पर सवाल। हॉस्टल सील कर दिया गया है।

  3. पुलिस की शुरुआती लापरवाही

    पहले दुष्कर्म से इनकार किया गया। पोस्टमार्टम और FSL रिपोर्ट आने के बाद दो अधिकारी (चित्रगुप्त नगर थाना की SHO रौशनी कुमारी और दारोगा हेमंत झा) सस्पेंड हो गए। गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने DGP और CID ADG को तलब किया। जांच अब CID को सौंपी गई है।

  4. डीएनए रिपोर्ट का इंतजार

    डीएनए मैचिंग से संदिग्धों की पहचान होगी। रिपोर्ट जल्द आने की उम्मीद है, लेकिन इसमें 1-2 सप्ताह लग सकते हैं।

  5. परिजनों और समाज की मांग

    परिवार CBI जांच चाहता है। सोशल मीडिया पर #JusticeFor… ट्रेंड कर रहा है। छात्र संगठन हॉस्टल सुरक्षा और लड़कियों की सुरक्षा पर सख्त कानून की मांग कर रहे हैं।

Patna Hostel Case: राजनीतिक और सामाजिक असर

मामले ने बिहार पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। गृह मंत्री ने पुलिस को फ्री हैंड दिया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल सरकार पर हमला बोल रहे हैं। NHRC तक मामला पहुंच गया है।

यह मामला पटना के कोचिंग हब में लड़कियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल है। लाखों NEET छात्राएं हॉस्टल में रहती हैं। जांच एजेंसियां अब डीएनए रिपोर्ट के इंतजार में हैं। रिपोर्ट आने पर कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। परिवार और समाज को न्याय की सख्त उम्मीद है।

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