Bihar Sarkar Yojana: बिहार में भैंस पालन पर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी, मजदूर से मालिक बनने का सुनहरा मौका
उन्नत मुर्रा नस्ल की भैंस पर 50-75% अनुदान, कटिहार में 39 का लक्ष्य, आवेदन ccs.bihar.gov.in पर
Bihar Sarkar Yojana: बिहार सरकार पशुपालन को बढ़ावा देने और ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए नई योजना लेकर आई है। समग्र भैंस पालन योजना के तहत अब किसानों और पशुपालकों को उन्नत नस्ल की दुधारू भैंस खरीदने पर भारी सब्सिडी मिल रही है। कटिहार जिले में इस योजना के तहत 39 भैंस पालन का लक्ष्य तय किया गया है। सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 50 प्रतिशत जबकि एससी, एसटी और ईबीसी वर्ग के पशुपालकों को 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा।
योजना की मुख्य बातें
यह योजना पहली बार राज्य में भैंस पालन पर इतनी बड़ी सब्सिडी के साथ लाई गई है। पशुपालन विभाग इसकी जिम्मेदारी संभाल रहा है। जिला गव्य पदाधिकारी ओम प्रकाश गुप्ता ने बताया कि चयनित पशुपालकों को विभाग द्वारा चुनी गई एजेंसी के जरिए उन्नत मुर्रा नस्ल की दुधारू भैंस उपलब्ध कराई जाएगी। मुर्रा नस्ल की भैंस प्रतिदिन 12 से 16 लीटर दूध दे सकती है। इससे जिले के कुल दुग्ध उत्पादन में अच्छी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
योजना के तहत लक्ष्य इस प्रकार बांटा गया है:
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सामान्य वर्ग: 25 भैंस
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अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ईबीसी): 5 भैंस
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अनुसूचित जाति (एससी): 4 भैंस
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अनुसूचित जनजाति (एसटी): 5 भैंस
एक उन्नत दुधारू भैंस की कीमत 1.21 लाख रुपये निर्धारित की गई है। सब्सिडी के बाद लाभार्थी को बहुत कम राशि ही देनी पड़ती है।
सब्सिडी की डिटेल
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सामान्य वर्ग: 50 प्रतिशत अनुदान, यानी अधिकतम 60,500 रुपये तक की मदद।
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एससी, एसटी और ईबीसी वर्ग: 75 प्रतिशत अनुदान, यानी अधिकतम 90,750 रुपये तक की सब्सिडी।
इससे पशुपालक को भैंस की कुल कीमत का सिर्फ 25 से 50 प्रतिशत ही खर्च करना पड़ता है। बाकी राशि सरकार की ओर से दी जाती है। योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार बढ़ाना और दूध उत्पादन को मजबूत करना है।
भैंस पालन के फायदे
भैंस का दूध बाजार में बहुत मांग वाला है। इसमें वसा की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे दूध की कीमत अच्छी मिलती है। एक भैंस से रोजाना 12-16 लीटर दूध मिलने पर पशुपालक की मासिक आय अच्छी हो सकती है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और किसान मजदूर से मालिक बन सकता है।
योजना से न केवल रोजगार बढ़ेगा बल्कि दुग्ध व्यवसाय को नई गति मिलेगी। बिहार में दूध उत्पादन पहले से ही अच्छा है, लेकिन उन्नत नस्ल की भैंसों से यह और बढ़ सकता है।
कैसे मिलेगा लाभ?
इच्छुक पशुपालक, किसान या बेरोजगार युवा योजना का लाभ उठा सकते हैं। आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन है। बिहार गव्य विकास निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट dairy.bihar.gov.in पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज:
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आधार कार्ड
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पासपोर्ट साइज फोटो
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जाति प्रमाण पत्र (आरक्षित वर्ग के लिए)
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बैंक खाता विवरण
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अन्य आवश्यक प्रमाण पत्र
योजना के तहत लाभार्थी को भैंस की खरीद के बाद बीमा भी कराना होता है। विभाग की ओर से पूरी प्रक्रिया में मदद मिलती है।
Bihar Sarkar Yojana: राज्य स्तर पर योजना की शुरुआत
यह योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत चल रही है। पूरे बिहार में अलग-अलग जिलों में लक्ष्य तय किए गए हैं। कटिहार में 39 का लक्ष्य है, लेकिन अन्य जिलों में भी अच्छी संख्या में भैंस वितरण हो रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य में भैंस पालन को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो।
जो लोग भैंस पालन में रुचि रखते हैं, उन्हें जल्द आवेदन करना चाहिए। यह योजना गरीब और पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है। मजदूरी करने वाले युवा अब अपना छोटा व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।
सरकार की इस पहल से बिहार में दूध उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय दोगुनी होने की दिशा में कदम बढ़ेगा।



