Iran Supreme Leader Killed: अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनई की मौत, ईरान में 40 दिन का राष्ट्रीय शोक, ट्रंप ने कहा इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक का हुआ अंत
28 फरवरी 2026 को तेहरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले में आयतुल्लाह खामेनई शहीद, ईरान में 40 दिन का राष्ट्रीय शोक
Iran Supreme Leader Killed: मध्य-पूर्व और पूरी दुनिया को हिला देने वाली एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व खबर की आधिकारिक पुष्टि हो गई है। ईरानी सरकारी मीडिया ने पुष्टि की है कि ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनई की 1 मार्च 2026 को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों में मौत हो गई है। यह हमला 28 फरवरी 2026 की सुबह तेहरान स्थित खामेनई के आवास और कार्यालय परिसर को निशाना बनाकर किया गया था। ईरान सरकार ने देश में 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक और सात दिनों के सार्वजनिक अवकाश की घोषणा कर दी है। इजरायली अधिकारियों के अनुसार मलबे से खामेनई का शव बरामद कर लिया गया है।
कैसे हुआ यह ऐतिहासिक हमला?
28 फरवरी 2026 की सुबह अमेरिका और इजरायल ने एक संयुक्त और अत्यंत सटीक हवाई हमला किया। इस हमले का मुख्य निशाना तेहरान स्थित खामेनई के आवास और कार्यालय परिसर था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस अभियान को एक बड़ा संयुक्त सैन्य ऑपरेशन बताया जिसका उद्देश्य ईरानी सैन्य क्षमताओं और नेतृत्व को समाप्त करना था।
ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि खामेनई अमेरिका के सबसे उन्नत इंटेलिजेंस और ट्रैकिंग सिस्टम से नहीं बच सके। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी बयान जारी करते हुए खामेनई की मौत की पुष्टि की थी।
पहले खंडन, फिर ईरान ने मानी मौत
इस हमले के तुरंत बाद ईरान ने शुरुआत में खामेनई की मौत के दावों को खारिज करने की कोशिश की। लेकिन कुछ घंटों बाद ईरान की सरकारी समाचार एजेंसियों ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की कि 86 वर्षीय खामेनई शहीद हो गए हैं। इजरायली सूत्रों के अनुसार हमले के स्थान के मलबे से उनका शव बरामद किया गया।
ईरानी सरकारी मीडिया द्वारा इस पुष्टि के बाद पूरी दुनिया में तहलका मच गया। 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से ईरान के सर्वोच्च नेता की इस प्रकार की मौत की कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था।
ट्रंप का बयान: इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक का अंत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक खामेनई की मौत हो गई है। उन्होंने लिखा कि खामेनई अमेरिका के इंटेलिजेंस और बेहद उन्नत ट्रैकिंग सिस्टम से नहीं बच सके। इजरायल के साथ मिलकर किए गए इस ऑपरेशन में खामेनई और उनके साथ मारे गए अन्य नेता कुछ नहीं कर सके।
ट्रंप ने आगे लिखा कि ईरानी जनता के लिए अपना देश वापस लेने का यह सबसे बड़ा मौका है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें सूचना मिल रही है कि ईरान के कई IRGC, सैन्य और सुरक्षा बलों के सदस्य अब लड़ना नहीं चाहते और अमेरिका से इम्युनिटी चाहते हैं। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इम्युनिटी अभी मिल सकती है, बाद में केवल मौत मिलेगी।
ट्रंप की ईरानी जनता से सीधी अपील
ट्रंप ने अपने बयान में ईरानी जनता से सीधे बात करते हुए कहा कि वे उम्मीद करते हैं कि IRGC और पुलिस बल शांतिपूर्ण तरीके से ईरानी देशभक्तों के साथ मिलकर देश को उस महानता पर वापस लाने के लिए काम करेंगे जिसके वह हकदार हैं।
ट्रंप ने यह भी कहा कि न केवल खामेनई की मौत हुई है बल्कि ईरान एक ही दिन में बड़े पैमाने पर तबाह हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि भारी और सटीक बमबारी पूरे हफ्ते बिना रुके जारी रहेगी जब तक मध्य-पूर्व और पूरी दुनिया में शांति का लक्ष्य हासिल नहीं हो जाता।
ईरान में 40 दिन का राष्ट्रीय शोक
खामेनई की मौत की पुष्टि के बाद ईरान सरकार ने देश में 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। इसके साथ ही सात दिनों के सार्वजनिक अवकाश का भी एलान किया गया है। 40 दिन का शोक इस्लामी परंपरा के अनुसार अत्यंत महत्वपूर्ण हस्तियों के निधन पर मनाया जाता है। तेहरान और अन्य ईरानी शहरों में शोक का माहौल है।
कौन थे अयातुल्लाह अली खामेनई
86 वर्षीय आयतुल्लाह सैय्यद अली खामेनई 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता पद पर थे। वे ईरान की इस्लामी गणतंत्र प्रणाली में सर्वोच्च अधिकारी थे और सेना, न्यायपालिका तथा विदेश नीति पर उनका पूर्ण नियंत्रण था। 37 वर्षों से अधिक के अपने कार्यकाल में उन्होंने ईरान को एक परमाणु शक्ति बनाने का प्रयास किया, अमेरिका और इजरायल का डटकर मुकाबला किया और हिजबुल्ला, हमास तथा हूती जैसे समूहों को समर्थन देने की नीति अपनाई।
Iran Supreme Leader Killed: भारत पर असर और वैश्विक प्रतिक्रिया
भारत के लिए यह घटना कई कारणों से अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत और ईरान के बीच ऊर्जा, चाबहार बंदरगाह और व्यापारिक संबंध हैं। खामेनई की मौत के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आ सकता है जिसका सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। भारत सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए है और अपने नागरिकों को ईरान और आसपास के देशों में सतर्क रहने की सलाह दी है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाए जाने की संभावना है। रूस, चीन, तुर्की और अरब देशों की प्रतिक्रियाओं का पूरी दुनिया को इंतजार है।



