बिहार में फिल्मी हलचल तेज, 29 फिल्मों को मिली शूटिंग की मंजूरी, 'पंचायत' निर्माता लोकेशन तलाश रहे
बांग्ला फिल्म 'शरणार्थी' की शूटिंग बिहार के प्राचीन विहारों और बुद्ध से जुड़ी लोकेशनों पर होगी, फिल्म निगम देगा हर संभव मदद।

Bihar News: बिहार धीरे-धीरे बॉलीवुड और ओटीटी का नया ठिकाना बनता जा रहा है। इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के वेब्स फिल्म बाजार में राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम ने फिल्मकारों को जोरदार स्वागत दिया। बाजार के आखिरी दिन सोमवार को पेवेलियन में प्रबंध निदेशक सह कला संस्कृति एवं युवा विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने कई प्रोड्यूसरों से मुलाकात की। उन्होंने बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति की बारीकियां बताईं और फीडबैक लिया, जिसे नीति में शामिल किया जाएगा। अच्छी खबर यह है कि अब तक राज्य में 29 फिल्मों को शूटिंग की अनुमति मिल चुकी है। इससे न सिर्फ रोजगार के मौके बढ़ेंगे, बल्कि बिहार की सांस्कृतिक विरासत भी दुनिया के सामने आएगी।
29 फिल्मों को हर संभव मदद: बांग्ला फिल्म ‘शरणार्थी’ की शूटिंग विहारों में
प्रणव कुमार ने बताया कि जिन प्रोड्यूसर्स ने बिहार में शूटिंग की, उन्हें प्रशासन का पूरा सहयोग मिला। उन्होंने बांग्ला फिल्ममेकर संगीता दत्ता को नीति और कानून व्यवस्था की जानकारी दी। संगीता अपनी फीचर फिल्म ‘शरणार्थी- द रिफ्यूजी’ की आगे की शूटिंग बिहार के प्राचीन विहारों और बुद्ध से जुड़ी लोकेशनों पर करेंगी। कुमार ने कहा, “फिल्म निगम और बिहार सरकार फिल्मकारों को हर तरह की मदद देने को तैयार है। अनुदान, लोकेशन स्काउटिंग से लेकर सिक्योरिटी तक सब कुछ मुहैया कराएंगे।” यह नीति स्वतंत्र फिल्म निर्माताओं के लिए वरदान साबित हो रही है, क्योंकि यहां का प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक स्थल शूटिंग के लिए परफेक्ट हैं।
Bihar News: बिहार की कहानियां थिएटर-ओटीटी पर लाएंगे
टीवीएफ (TVF) के प्रतिनिधि अमृतांश वाजपेयी ने बाजार में बिहार की तारीफ की। उन्होंने कहा, “हमने ‘पंचायत’ जैसी कई वेबसीरीज बनाई हैं, जो ग्रामीण भारत की सच्ची झलक दिखाती हैं। अब बहुत जल्द बिहार की अनकही कहानियों को थिएटर और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर लाने की योजना है।” वाजपेयी ने प्रणव कुमार से बातचीत में बताया कि वे बिहार सरकार और फिल्म निगम के साथ मिलकर शूटिंग की संभावनाएं तलाश रहे हैं। ‘पंचायत’ सीरीज की लोकप्रियता को देखते हुए बिहार के गांव, नदियां और बाजार इसके लिए आदर्श लोकेशन साबित हो सकते हैं। हालांकि, सीजन 4 के स्पेसिफिक शूटिंग स्पॉट्स पर अभी कोई पुष्टि नहीं हुई, लेकिन निर्माता पटना, भागलपुर और मुंगेर जैसे इलाकों में सर्वे कर रहे हैं।
अन्य फिल्मकारों की प्रतिक्रिया: नीति की सराहना, स्वतंत्र निर्माताओं को मिलेगा फायदा
अभिनेता विकास कुमार ने बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति की तारीफ की। उन्होंने कहा, “यह नीति बहुत अच्छी बनी है। हमें अपना योगदान देना चाहिए, चाहे जिस हैसियत से भी।” लेखक-निर्देशक देव्यांशु चौधरी, जिन्होंने अमेजन प्राइम के लिए ‘अड्डा’ बनाई, ने कहा, “अनुदान की वजह से स्वतंत्र फिल्मकारों को यहां शूटिंग करना आसान हो जाएगा। बिहार का सांस्कृतिक धरोहर और विविधता फिल्मों को नई जान देगी।” बाजार में कई प्रोड्यूसर्स ने बिहार के बौद्ध सर्किट, गंगा घाटों और ग्रामीण परिदृश्यों की तारीफ की।
बिहार सरकार का यह प्रयास राज्य को फिल्म हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है। प्रणव कुमार ने कहा, “हम फिल्मकारों का फीडबैक लेकर नीति को और मजबूत करेंगे। बिहार न सिर्फ शूटिंग का केंद्र बनेगा, बल्कि स्थानीय कलाकारों को भी मौके मिलेंगे।” इससे नौजवानों में सिनेमा के प्रति रुचि बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।



