Shambhu Hostel Case: पटना NEET छात्रा मौत मामले में सीएम नीतीश ने की CBI जांच की सिफारिश, परिजनों ने कहा - 'न्याय नहीं मिला तो पूरा परिवार करेगा आत्महत्या'
CM नीतीश कुमार ने केंद्र को CBI जांच पत्र लिखा; परिजनों का अल्टीमेटम- न्याय नहीं तो परिवार आत्महत्या करेगा
Shambhu Hostel Case: पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब और गंभीर हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर इस मामले की CBI जांच की सिफारिश की है। वहीं छात्रा के परिजनों ने डीजीपी से मुलाकात के बाद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो पूरा परिवार आत्महत्या करने को मजबूर हो जाएगा।
सीएम नीतीश का पत्र और CBI जांच की मांग
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारत सरकार को लिखे पत्र में स्पष्ट कहा है कि इस मामले का पारदर्शी, निष्पक्ष और न्यायपूर्ण तरीके से उद्भेदन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए और किसी भी स्तर पर संदेह की गुंजाइश नहीं रहनी चाहिए। पत्र में CBI जांच की सिफारिश की गई है ताकि सच्चाई सामने आए और दोषियों को सजा मिले।
परिजनों का दर्द और अल्टीमेटम
शुक्रवार को छात्रा के माता-पिता और परिजन बिहार के डीजीपी से मिलने पटना पहुंचे थे। उन्हें उम्मीद थी कि शीर्ष पुलिस अधिकारी से बातचीत के बाद न्याय का भरोसा मिलेगा। लेकिन मुलाकात के बाद उनका गुस्सा और दर्द फूट पड़ा।
परिजनों का आरोप है कि डीजीपी कार्यालय में उन्हें निष्पक्ष जांच का भरोसा देने के बजाय समझौते और आत्महत्या की थ्योरी स्वीकार करने की सलाह दी गई। छात्रा की मां ने कहा कि उन्हें डायरी दिखाकर दबाव बनाया गया और कहा गया कि अगर वे नहीं मानेंगे तो परिवार के सदस्यों को फंसाया जाएगा।
परिजनों ने दो टूक कहा— > “न्याय नहीं मिला तो पूरा परिवार आत्महत्या कर लेगा। हमारी बेटी चली गई, अब हमें भी जीने की कोई वजह नहीं बची है।”
डीजीपी से मुलाकात में क्या हुआ?
परिजनों का दावा है कि डीजीपी ने उन्हें आत्महत्या मानने की सलाह दी। एक डायरी दिखाई गई, जिसे छात्रा द्वारा लिखा गया बताया गया। लेकिन परिजनों का कहना है कि उस डायरी में आत्महत्या का कोई संकेत नहीं है। उन्हें यह भी कहा गया कि अगर वे नहीं मानेंगे तो ब्लड सैंपल से परिवार के किसी सदस्य को फंसाया जाएगा और केस CBI को सौंप दिया जाएगा, जिसमें 2-3 साल तक न्याय के लिए भटकना पड़ेगा।
पोस्टमार्टम और अन्य सवाल
परिजनों का आरोप है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से जुड़े तथ्यों को लेकर उन्हें गुमराह किया गया। कई अहम सवाल अनुत्तरित हैं। उनका दावा है कि पुलिस किसी बड़े और प्रभावशाली व्यक्ति को बचाने की कोशिश कर रही है।
SIT की जांच और DNA रिपोर्ट
विशेष जांच दल (SIT) 25 से अधिक लोगों का DNA टेस्ट कर रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर AIIMS पटना से सेकंड ओपिनियन लिया जा रहा है। FSL जांच में छात्रा के कपड़ों से स्पर्म मिलने के बाद DNA मिलान को केस की सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है। फोन डेटा और स्नैपचैट से भी सुराग मिले हैं। SIT की नजर तीन संदिग्धों पर है।
छात्राओं का न्याय मार्च
मामले को लेकर पटना विश्वविद्यालय और अन्य कॉलेजों की छात्राएं सड़क पर उतर आईं। शुक्रवार को मगध महिला कॉलेज से कारगिल चौक तक ‘बेटी बचाओ न्याय मार्च’ निकाला गया। छात्राओं ने CBI जांच की मांग की और सरकार से बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
हाईकोर्ट में जनहित याचिका
पटना हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता सुषमा कुमारी ने अधिवक्ता अलका वर्मा के माध्यम से जांच को हाईकोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की है।
Shambhu Hostel Case: आगे क्या होगा?
अब सबकी निगाहें CBI जांच की सिफारिश पर केंद्र सरकार के फैसले और SIT की रिपोर्ट पर टिकी हैं। परिवार और समाज को न्याय मिलना जरूरी है। यह मामला बिहार में बेटियों की सुरक्षा और जांच एजेंसियों की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।



