Bihar Politics: क्या बिहार में फिर से होगा विधानसभा चुनाव? प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, चुनाव रद्द करने की मांग
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर बिहार विधानसभा चुनाव रद्द करने की मांग की; महिला रोजगार योजना को भ्रष्ट आचरण बताया
Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों पर अब सुप्रीम कोर्ट में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व राजनीतिक रणनीतिकार और जन सुराज पार्टी (जेएसपी) के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अपनी पार्टी के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया को चुनौती दी है। पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर कर चुनाव नतीजों को रद्द करने और राज्य में नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की है। याचिका में मुख्य रूप से मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को 10-10 हजार रुपये के सीधे हस्तांतरण को भ्रष्ट आचरण बताया गया है।
यह याचिका अनुच्छेद 32 के तहत दायर की गई है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ कल इस मामले की सुनवाई करेगी। जन सुराज पार्टी का दावा है कि चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) का उल्लंघन हुआ, जिससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हुई।
जन सुराज पार्टी का मुख्य आरोप
जन सुराज पार्टी ने याचिका में कहा है कि बिहार सरकार ने चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद और आचार संहिता लागू रहते हुए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत नई लाभार्थियों को शामिल किया।
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इन महिलाओं के खातों में 10,000 रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए।
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पार्टी का अनुमान है कि 25 से 35 लाख महिला मतदाताओं को यह लाभ मिला।
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पार्टी का कहना है कि ऐसे भुगतान मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास था, जो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123 के तहत भ्रष्ट आचरण माना जाता है।
जीविका स्वयं सहायता समूहों की तैनाती पर सवाल
याचिका में एक और बड़ा आरोप है कि मतदान केंद्रों पर जीविका स्वयं सहायता समूहों की लगभग 1.8 लाख महिलाओं को तैनात किया गया। पार्टी का कहना है कि यह गैरकानूनी था और इन महिलाओं की मौजूदगी से चुनाव प्रक्रिया की अखंडता प्रभावित हुई।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे
बिहार विधानसभा चुनाव नवंबर 2025 में हुए थे। कुल 243 सीटों पर मतदान हुआ। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार स्थिति कुछ इस प्रकार रही:
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भाजपा: 89 सीटें
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जद(यू): 85 सीटें
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कुल एनडीए: 202 सीटें (बहुमत से काफी अधिक)
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राजद: 25 सीटें
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कांग्रेस: 6 सीटें
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एआईएमआईएम: 5 सीटें
जन सुराज पार्टी ने 238-242 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन एक भी सीट नहीं जीत सकी। प्रशांत किशोर ने चुनाव हार के बाद जिम्मेदारी ली और मौन व्रत रखा था।
कानूनी पक्ष क्या कहता है
सुप्रीम कोर्ट में ऐसी याचिकाएं पहले भी दायर हुई हैं। चुनाव रद्द करने के लिए ठोस सबूत और बड़े पैमाने पर अनियमितता साबित करनी पड़ती है। याचिका में मांग है कि चुनाव आयोग को धारा 324 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया जाए। अदालत कल सुनवाई करेगी, जहां याचिका की स्वीकार्यता पर फैसला हो सकता है।
Bihar Politics: राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
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एनडीए और जद(यू): इनका कहना है कि योजनाएं पहले से चल रही थीं, चुनावी लाभ के लिए नहीं।
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महागठबंधन: पहले फ्रीबीज पर सवाल उठाए थे, लेकिन अब चुप है।
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जन सुराज: यह कदम राजनीतिक बहस छेड़ रहा है। कई लोग इसे हार के बाद की रणनीति बता रहे हैं।
आगे क्या होगा: सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई कल होगी। अगर याचिका पर नोटिस जारी होता है तो चुनाव आयोग को जवाब देना होगा। बिहार में नीतीश कुमार की सरकार मजबूत है और चुनाव रद्द होने की संभावना कम मानी जा रही है, लेकिन यह राजनीतिक बहस को तेज करेगा।



