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Bihar Politics: बिहार के बिगड़ते माहौल को लेकर विपक्ष का तीखा हमला, बिहार विधानसभा में गरमाया सियासी माहौल

बिहार विधानसभा में नीट छात्रा मौत और मॉब लिंचिंग पर विपक्ष का जोरदार हंगामा, राजद-एआईएमआईएम ने की कड़ी निंदा

Bihar Politics: बिहार में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है। विपक्षी दलों ने इस घटना को राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था से जोड़ते हुए नीतीश कुमार सरकार पर जमकर हमला बोला है। गुरुवार को बिहार विधानसभा परिसर में राजद और एआईएमआईएम के विधायकों ने अलग-अलग प्रदर्शन किए। इन प्रदर्शनों ने सदन के अंदर और बाहर सियासी पारा तेज कर दिया है।

यह मामला जनवरी 2026 में पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में सामने आया था। जहानाबाद जिले की रहने वाली 18 वर्षीय नीट की तैयारी कर रही छात्रा को कमरे में बेहोश हालत में पाया गया। बाद में निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म और गला घोंटने के निशान मिले। फॉरेंसिक जांच में छात्रा के कपड़ों पर स्पर्म के निशान पाए गए। शुरुआत में पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया था, लेकिन सबूतों के सामने आने पर मामला उलट गया। अब जांच सीबीआई को सौंपी गई है।

राजद का जोरदार विरोध प्रदर्शन

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायकों ने विधानसभा के पोर्टिको में नीट छात्रा मौत मामले पर प्रदर्शन किया। उन्होंने नारे लगाए और पोस्टर लहराए। राजद नेताओं का आरोप है कि छात्रा की मौत सामान्य नहीं थी। इसके पीछे प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा में चूक है।

राजद विधायकों ने सरकार से मांग की कि मामले की उच्चस्तरीय जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना था कि अगर समय पर प्रशासन सक्रिय होता तो यह घटना टाली जा सकती थी। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार संवेदनशील मुद्दों पर गंभीरता नहीं दिखा रही। राज्य की बेटियां सुरक्षित नहीं हैं।

प्रदर्शन के दौरान राजद ने कानून-व्यवस्था पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि बिहार में अपराध बढ़ रहे हैं। आम लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। मौजूदा सरकार कानून-व्यवस्था संभालने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।

एआईएमआईएम का मॉब लिंचिंग पर अलग प्रदर्शन

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के विधायकों ने मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर अलग से प्रदर्शन किया। उन्होंने विधानसभा परिसर में नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ आवाज उठाई।

एआईएमआईएम नेताओं का कहना था कि राज्य में मॉब लिंचिंग की घटनाएं लगातार हो रही हैं। यह समाज के लिए खतरनाक संकेत है। ऐसे मामलों में न तो समय पर कार्रवाई होती है और न ही पीड़ित परिवारों को न्याय मिल पाता है। सरकार इन घटनाओं को गंभीरता से नहीं ले रही, जिससे अपराधियों के हौसले बढ़ रहे हैं।

विधानसभा परिसर में अफरा-तफरी का माहौल

दोनों दलों के प्रदर्शनों से विधानसभा परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा बलों को स्थिति संभालनी पड़ी। विपक्ष ने साफ कहा कि आने वाले दिनों में वे कानून-व्यवस्था, छात्राओं की सुरक्षा और जनसुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार को लगातार घेरते रहेंगे।

यह प्रदर्शन बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान हुए। सदन में भी इस मामले पर हंगामा हुआ। विपक्ष ने कार्यस्थगन प्रस्ताव दिया, लेकिन स्पीकर ने इसे खारिज कर दिया। विपक्षी सदस्यों ने सरकार पर आरोप लगाया कि नीट मामले में जांच में देरी हो रही है।

मामले में अब तक की कार्रवाई

  • पुलिस की कार्रवाई: पुलिस ने हॉस्टल संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाया और लाइसेंस रद्द करने की बात कही।

  • निलंबन: चित्रगुप्त थाने की एसएचओ सहित दो पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया गया।

  • फॉरेंसिक साक्ष्य: फॉरेंसिक जांच में दुष्कर्म के सबूत मिले।

  • CBI जांच: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की, जो अब चल रही है।

  • नियम: राज्य में गर्ल्स हॉस्टलों के लिए नए नियम जारी किए गए, जैसे पुलिस वेरिफिकेशन और सीसीटीवी अनिवार्य।

Bihar Politics: राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

विपक्ष का यह हमला सरकार के लिए चुनौती बना हुआ है। राजद और एआईएमआईएम जैसे दल इसे कानून-व्यवस्था की विफलता से जोड़ रहे हैं। वहीं, सरकार का कहना है कि जांच सीबीआई को सौंपकर पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है।

यह मामला पूरे बिहार में चर्चा का विषय है। छात्राओं और उनके परिवारों में डर का माहौल है। लोग मांग कर रहे हैं कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। अब देखना होगा कि सीबीआई जांच क्या नतीजे लाती है और सरकार इन आरोपों का जवाब कैसे देती है।

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