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Bihar Politics: मकर संक्रांति पर बिहार की राजनीति में दही-चूड़ा भोज बना बड़ा मंच, नीतीश कुमार ने चिराग पासवान और चेतन आनंद से की मुलाकात

नीतीश कुमार ने चिराग पासवान के भोज और चेतन आनंद के घर जाकर NDA की एकजुटता दिखाई, मकर संक्रांति पर सियासी हलचल

Bihar Politics: बिहार में मकर संक्रांति का दिन सिर्फ त्योहार नहीं रहा, बल्कि राजनीति का बड़ा दिन बन गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दही-चूड़ा भोज के बहाने कई महत्वपूर्ण मुलाकातें कीं। उन्होंने लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान के ऑफिस और जदयू विधायक चेतन आनंद के घर जाकर सबको संदेश दिया। यह सब NDA गठबंधन की मजबूती दिखाने के लिए हुआ। विपक्ष ने भी इस पर चुटकी ली है। पूरी घटना पटना में हुई और लोगों में खूब चर्चा हो रही है।

चिराग पासवान के भोज में नीतीश की मौजूदगी

सबसे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चिराग पासवान के दही-चूड़ा भोज में पहुंचे। चिराग केंद्रीय मंत्री हैं और लोक जनशक्ति पार्टी के बड़े नेता हैं। यहां नीतीश जी ने हाथ हिलाकर मौजूद लोगों और मीडिया का अभिवादन किया। भोज में पार्टी के कार्यकर्ता और नेता बड़ी संख्या में आए थे।

यह मुलाकात इसलिए खास मानी जा रही है क्योंकि NDA में चिराग और नीतीश के बीच अब पहले से ज्यादा अच्छे संबंध दिख रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि गठबंधन में सब लोग साथ मिलकर काम कर रहे हैं। यह NDA की एकजुटता का अच्छा संकेत है।

चेतन आनंद के घर पर पांच मिनट की महत्वपूर्ण मुलाकात

इसके बाद नीतीश कुमार सीधे जदयू विधायक चेतन आनंद के घर पहुंचे। चेतन आनंद बाहुबली नेता आनंद मोहन के बेटे हैं। यहां नीतीश जी सिर्फ पांच मिनट रुके, लेकिन यह मुलाकात बहुत मायने रखती है।

इस दौरान जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और PHED मंत्री संजय कुमार भी साथ थे। चेतन आनंद ने कहा कि मुख्यमंत्री बहुत व्यस्त हैं, फिर भी उन्होंने समय निकालकर आशीर्वाद दिया। उन्होंने बताया कि भोज में NDA के साथ-साथ विपक्षी नेताओं को भी बुलाया गया था।

मंत्रिमंडल विस्तार के सवाल पर चेतन ने बहुत सधा हुआ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वे किसी तरह की जल्दबाजी या ज्यादा इच्छा नहीं रखते। जो फैसला होगा, परिस्थिति के अनुसार होगा। राजनीतिक लोग इसे बहुत संतुलित बयान मान रहे हैं।

आनंद मोहन परिवार और नीतीश के रिश्ते मजबूत क्यों?

चेतन आनंद के पिता आनंद मोहन की जेल से रिहाई में नीतीश कुमार की बड़ी भूमिका रही थी। इसके बाद फ्लोर टेस्ट में चेतन ने RJD को छोड़कर नीतीश का साथ दिया। तब से आनंद मोहन परिवार और मुख्यमंत्री के बीच रिश्ते बहुत अच्छे हो गए हैं। यह मुलाकात उसी मजबूत रिश्ते का नतीजा है।

अन्य दही-चूड़ा भोज में भी सियासी हलचल

14 जनवरी को कई जगह दही-चूड़ा भोज हुए। तेजप्रताप यादव के घर पर लालू यादव, राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, प्रभुनाथ यादव और चेतन आनंद भी पहुंचे। लालू यादव ने कहा कि वे तेजप्रताप से नाराज नहीं हैं।

पूर्व मंत्री रत्नेश सदा के घर पर भी भोज हुआ, जहां मुख्यमंत्री, राज्यपाल और NDA के कई बड़े नेता शामिल हुए। इन सब आयोजनों से गठबंधन की तस्वीर साफ दिखी।

Bihar Politics: दही-चूड़ा भोज ने दिखाई राजनीति की ताकत

बिहार में मकर संक्रांति पर दही-चूड़ा खाना पुरानी परंपरा है। लेकिन इस बार यह सिर्फ खाने-पीने का मौका नहीं रहा। इसके जरिए नेता एक-दूसरे से मिले, रिश्ते मजबूत किए और आने वाले दिनों की राजनीति के संकेत दिए। NDA में सब कुछ ठीक चल रहा है, जबकि विपक्ष इसे देखकर चिंतित है।

यह खबर बिहार की राजनीति में नए बदलाव का संकेत दे रही है। लोग अब विधानसभा सत्र और मंत्रिमंडल विस्तार पर नजर रखे हुए हैं।

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