Trending Newsपटनाबिहार
Trending

बिहार की राजनीति में नया इतिहास? सबसे बड़े आसन पर महिला हो सकती हैं विराजमान?

नीतीश कुमार ने अपने राजनीतिक जीवन में महिलाओं को प्राथमिकता दी, जिसका फल 2025 चुनाव में 202 सीटों के प्रचंड जनादेश के रूप में मिला।

BiharPolitics: संपूर्ण बहुमत से बिहार में बनी NDA की नई सरकार में विधानसभा के सभापति का पद पहली बार किसी महिला को मिल सकता है? इसके लिये सबसे सुयोग्य महिला BJP की वर्तमान विधायक और पूर्व डिप्टी CM रेणु देवी से अच्छा कोई नहीं है.. ये बात हम यूँ ही नहीं कह रहे हैं इसके पीछे तथ्य और तर्क दोनो है

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी पूरे राजनीतिक जीवन में महिलाओं को प्राथमिकता दी है. चाहे सरकारी नौकरियों में महिलाओं के 35% आरक्षण की बात हो या पंचायत चुनावों में महिला आरक्षण की बात हर जगह नीतीश कुमार ने महिलाओं को आगे बढ़ाया.. खास तौर पर बिहार में शराबबंदी तो उन्होंने महिलाओं के कहने पर ही लागू किया।महिलाओं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने के लिये जीविका जैसी महत्वपूर्ण योजना भी लागू की। इसका फलाफल भी उन्हें खूब मिला. 2005 से अबतक हुए तमाम विधानसभा चुनावों में महिलाओं ने उनका खुलकर समर्थन किया। हर बार वोट देकर उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाया। पिछले दिनों 2025 के चुनाव में जब नीतीश कुमार की नैया डगमगाई तो उन्होंने एक बार फिर से अपने इसी स्थाई वोट बैंक को साधने का प्रयास किया। राज्य की महिलाओं के खाते में सीधे 10 हजार रुपया देने का फैसला किया। और उनका यह फैसला बिल्कुल सही साबित हुआ। इस चुनाव में पूरा विपक्ष मात्र 35 के आंकड़े में सिमट गया और NDA को 202 सीटों का प्रचंड जनादेश मिला।

महिला सशक्तिकरण ने दिलाया NDA को प्रचंड जनादेश

ऐसे में.. नीतीश कुमार एक बार फिर से मास्टर स्ट्रोक खेल कर बिहार की राजनीति में एक नया इतिहास रच सकते हैं? इस प्रचंड जीत के बाद एक महिला को सबसे बड़ा सम्मान देकर अपने इस अभियान को जारी रख सकते हैं? या यूँ कहें इतने बड़े जनादेश के बाद महिलाओं का कर्ज उतारने का प्रयास कर सकते हैं? पहली बार किसी महिला को स्थायी तौर पर अध्यक्ष की कुर्सी पर बिठाकर बिहार के राजनीतिक इतिहास की नई कहानी लिख सकते हैं?

बिहार विधानसभा को मिलेगी पहली स्थायी महिला अध्यक्ष

Bihar politics
Bihar Politics

ऐसा नहीं है कि इससे पहले कोई महिला उस कुर्सी पर नहीं बैठी है.. इससे पूर्व नीतीश कुमार के ही कार्यकाल में पहली बार 8 मार्च 2021 को महिला दिवस के मौके पर दो महिलाओं को 45-45 मिनट के लिये अस्थाई तौर पर अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है.. HAM पार्टी की ओर से जीतन राम मांझी की समधन ज्योति देवी और लेफ्ट की विधायक गायत्री देवी को 45 मिनट के लिए अध्यक्ष बनाया जा चुका है। परंतु स्थाई रूप से यह सम्मान अभी तक किसी महिला को प्राप्त नहीं हुआ है। चुकि गठबंधन की राजनीति में यह पद BJP के हिस्से में है.. और BJP में विधानसभा पहुंचने वाली सबसे वरिष्ठ, अनुभवी और ईमानदार विधायक रेणु देवी ही हैं.. जिन्हें यह पद मिल सकता है.. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी उनके संबन्ध बेहद मधुर हैं.. पूर्व में वह उपमुख्यमंत्री भी रह चुकी हैं. हालांकि मीडिया में इसके लिए फिलहाल गया के विधायक और पूर्व मंत्री प्रेम कुमार का नाम सबसे ऊपर बताया जा रहा है.. ऐसे में अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार क्या फैसला लेते हैं.. बिहार की राजनीति में एक नया इतिहास लिखा जाता है या फिर से वही पुरानी कहानी दोहराई जाती है

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button