Bihar News: सुपौल को 2026 तक मिलेंगे दो नए रेलवे जंक्शन, कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार
रेल मंत्रालय की मंजूरी, सहरसा-फारबिसगंज लाइन से जुड़ेंगे; कनेक्टिविटी बेहतर, यात्रा आसान होगी
Bihar News: सुपौल जिले को रेल कनेक्टिविटी में बड़ा तोहफा मिलने वाला है। 2026 तक जिले में दो नए रेलवे जंक्शन बन जाएंगे। रेलवे मंत्रालय ने इसकी मंजूरी दे दी है। इससे सुपौल की रेल पहुंच आसान होगी। आसपास के इलाकों से कनेक्टिविटी बढ़ेगी। यात्रियों को पटना, दिल्ली और अन्य शहरों की सीधी ट्रेनें मिलेंगी। परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च होंगे। काम तेजी से चल रहा है।
कहां बनेंगे नए जंक्शन?
दो नए जंक्शन
- सुपौल शहर के पास: मुख्य जंक्शन होगा। कई लाइनें यहां मिलेंगी।
- एक अन्य स्थान: जिले के दूसरे हिस्से में। सहरसा और मधुबनी लाइन से जुड़ेगा।
ये जंक्शन सहरसा-फारबिसगंज और अन्य लाइनों से जुड़ेंगे। नए प्लेटफॉर्म, वेटिंग रूम और अन्य सुविधाएं होंगी।
क्यों जरूरी हैं ये जंक्शन?
सुपौल जिला रेल नेटवर्क से कम जुड़ा है। लोग सहरसा या अन्य स्टेशनों से ट्रेन पकड़ते हैं। नए जंक्शन से
- सीधी ट्रेनें मिलेंगी।
- यात्रा समय कम होगा।
- व्यापार और पर्यटन बढ़ेगा।
- रोजगार के अवसर।
- कोसी क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर।
रेलवे अधिकारी ने कहा कि यह परियोजना उत्तर बिहार के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
काम की स्थिति
परियोजना का काम शुरू हो गया है। जमीन अधिग्रहण पूरा हो चुका है। निर्माण 2026 तक पूरा होने का लक्ष्य है। रेलवे ने बजट आवंटित किया है। स्थानीय लोग सहयोग कर रहे हैं।
Bihar News: लोगों की खुशी
सुपौल के लोग उत्साहित हैं। वे कह रहे हैं कि जंक्शन बनने से जिला आगे बढ़ेगा। छात्र, व्यापारी और किसान सबसे ज्यादा लाभान्वित होंगे। एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा, “ट्रेन के लिए सहरसा जाना पड़ता था। अब घर के पास जंक्शन होगा।”
सुपौल को दो नए रेलवे जंक्शन बड़ा तोहफा है। रेल कनेक्टिविटी से जिला चमकेगा। विकास तेज होगा। उम्मीद है कि 2026 तक दोनों जंक्शन तैयार हो जाएंगे।



