Bihar News: कैमूर में वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे के लिए विशेष कैंप, प्रभावितों को मुआवजा वितरण शुरू
भू-अर्जन प्रभावितों को मुआवजा वितरण शुरू; बाजार दर का 4 गुना भुगतान, विशेष कैंप में चेक सौंपे
Bihar News: कैमूर जिले में वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए भू-अर्जन प्रभावितों को मुआवजा वितरण के लिए विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने सभी प्रभावितों को मुआवजा देने की प्रक्रिया तेज कर दी है। कैंप में जमीन मालिकों को चेक सौंपे जा रहे हैं। यह एक्सप्रेसवे बिहार के कई जिलों से गुजरेगा। कैमूर में बड़ी मात्रा में जमीन अधिग्रहित की गई है। प्रभावित किसान और परिवार मुआवजे से खुश हैं।
Bihar News: कैंप कहां और कैसे लग रहे?
जिला भू-अर्जन विभाग ने अलग-अलग प्रखंडों में कैंप आयोजित किए हैं। मुख्य कैंप भभुआ और अन्य ब्लॉकों में लगे हैं। प्रभावितों को पहले नोटिस भेजा गया। कैंप में दस्तावेज जांच के बाद मुआवजा चेक दिए जा रहे हैं।
प्रशासन ने कहा कि सभी पात्र लोगों को मुआवजा मिलेगा। कोई शिकायत न रहे। हेल्प डेस्क बनाए गए हैं।
मुआवजा कितना मिल रहा?
मुआवजा नियम के अनुसार दिया जा रहा है
- जमीन की बाजार कीमत का 4 गुना (ग्रामीण क्षेत्र में)।
- घर या अन्य संरचना का अलग मुआवजा।
- फसल और पेड़ों का अलग भुगतान।
- पुनर्वास और अन्य सहायता।
कई प्रभावितों को लाखों रुपये मिले हैं। एक किसान ने कहा, “मुआवजा अच्छा मिला। अब नई जमीन लेंगे।”
एक्सप्रेसवे का महत्व
वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे बिहार के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। कैमूर से गुजरने से
- कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
- यात्रा समय कम।
- व्यापार और पर्यटन बढ़ेगा।
- रोजगार के अवसर।
परियोजना केंद्र सरकार की है। बिहार में कई जिलों से गुजरेगी।
Bihar News: प्रभावितों की स्थिति
कैमूर में सैकड़ों परिवार प्रभावित हैं। कुछ ने जमीन दी तो कुछ को मजबूरी में। प्रशासन ने कहा कि सभी को न्याय मिलेगा। शिकायत के लिए हेल्पलाइन है।
प्रभावित कह रहे हैं कि मुआवजा समय पर मिला तो अच्छा है। विकास के लिए जमीन देना ठीक है।
कैमूर में मुआवजा वितरण कैंप सफल चल रहे हैं। प्रभावितों को राहत मिल रही है। एक्सप्रेसवे से जिला आगे बढ़ेगा। प्रशासन की मेहनत सराहनीय है। उम्मीद है कि सभी को मुआवजा जल्द मिल जाए।



