Bihar News: बिहार सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के साथ स्किल डेवलपमेंट, 9वीं से 12वीं तक के बच्चों को मिलेगा विशेष ट्रेनिंग
सरकारी स्कूलों में आईटी, हेल्थकेयर, ब्यूटी, ऑटोमोबाइल जैसे कोर्स; NSQF सर्टिफिकेट के साथ नौकरी के लिए तैयार होंगे बच्चे
Bihar News: बिहार के सरकारी स्कूलों में अब सिर्फ किताबी पढ़ाई नहीं होगी। सरकार ने बड़ा फैसला लिया है कि कक्षा 9वीं से 12वीं तक के बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इससे बच्चे नौकरी के लिए तैयार होंगे और आत्मनिर्भर बन सकेंगे। शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को इसके लिए निर्देश जारी कर दिया है।
स्किल ट्रेनिंग में क्या-क्या सिखाया जाएगा?
बच्चों को उनकी रुचि और योग्यता के अनुसार अलग-अलग स्किल सिखाई जाएंगी। मुख्य कोर्स ये हैं:
- आईटी और कंप्यूटर स्किल
- रिटेल मैनेजमेंट (दुकानदारी और बिक्री)
- टूरिज्म और ट्रैवल
- हेल्थकेयर (स्वास्थ्य सहायक)
- इलेक्ट्रॉनिक्स और हार्डवेयर
- ब्यूटी एंड वेलनेस
- ऑटोमोबाइल और मेकेनिकल
ये कोर्स नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (NSQF) के तहत होंगे। ट्रेनिंग पूरी होने पर बच्चों को सर्टिफिकेट मिलेगा, जो नौकरी में काम आएगा।
कैसे होगी ट्रेनिंग?
स्कूलों में ही विशेष क्लास लगेंगी। इसके लिए कुशल ट्रेनर नियुक्त किए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर बाहर के विशेषज्ञ भी बुलाए जाएंगे। पढ़ाई का समय सुबह या शाम में एडजस्ट किया जाएगा, ताकि नियमित क्लास प्रभावित न हो।
शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने सभी जिलाधिकारियों और शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि स्किल डेवलपमेंट को प्राथमिकता दें। हर स्कूल में जल्द से जल्द यह कार्यक्रम शुरू हो।
बच्चों को क्यों मिलेगा फायदा?
आज के समय में सिर्फ डिग्री से नौकरी नहीं मिलती। स्किल चाहिए। सरकारी स्कूलों के बच्चे ज्यादातर गरीब परिवार से आते हैं। उन्हें प्राइवेट कोचिंग या स्किल कोर्स का खर्च उठाना मुश्किल होता है। अब स्कूल में मुफ्त ट्रेनिंग मिलेगी।
बच्चे 12वीं पास करते ही नौकरी या खुद का काम शुरू कर सकेंगे। बेरोजगारी कम होगी। लड़कियां भी आत्मनिर्भर बनेंगी। बिहार के युवा देश-विदेश में अच्छी नौकरी पा सकेंगे।
Bihar News: सरकार का बड़ा प्लान
बिहार सरकार शिक्षा को नया रूप दे रही है। पहले स्कूलों में टीचर की कमी दूर की, अब स्किल पर जोर है। आने वाले समय में हर सरकारी स्कूल को स्किल हब बनाया जाएगा। छोटी क्लास के बच्चों के लिए भी धीरे-धीरे ऐसे कोर्स शुरू होंगे।
लोग इस फैसले की तारीफ कर रहे हैं। अभिभावक खुश हैं कि उनके बच्चे पढ़ाई के साथ हुनर भी सीखेंगे। शिक्षक भी कह रहे हैं कि इससे बच्चों का भविष्य अच्छा होगा। बिहार के सरकारी स्कूल अब सिर्फ डिग्री नहीं, स्किल भी देंगे। बच्चे पढ़-लिखकर आत्मनिर्भर बनेंगे। सरकार का यह कदम राज्य के विकास में बड़ा योगदान देगा।



