Bihar News: बिहार में रफ्तार का नया गलियारा, मोकामा-मुंगेर एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन अधिग्रहण तेज, भागलपुर-झारखंड जाना होगा और भी आसान
82.4 किमी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को तेजी, पटना-मुंगेर-भागलपुर यात्रा समय 2 घंटे कम होगा। 342 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण में तेजी।
Bihar News: बिहार के बुनियादी ढांचे में एक और बड़ी सौगात मिलने वाली है। मोकामा-मुंगेर फोरलेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना को प्रशासनिक स्तर पर तेज गति मिल गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के तहत चल रही इस 82.4 किलोमीटर लंबी परियोजना की अनुमानित लागत 4,447 करोड़ रुपये है। यह एक्सप्रेस-वे पूर्वी बिहार के साथ-साथ झारखंड की कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
परियोजना पूरी होने पर पटना से मुंगेर और भागलपुर जाने वाले यात्रियों को समय और ईंधन दोनों में बड़ी बचत होगी। मोकामा से मुंगेर के बीच यात्रा का समय वर्तमान में कई घंटे लगता है, जो इस एक्सप्रेस-वे के बाद डेढ़ से दो घंटे तक कम हो जाएगा। इससे क्षेत्रीय व्यापार, उद्योग और पर्यटन को भी नई गति मिलेगी।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं
यह ग्रीनफील्ड फोरलेन एक्सप्रेस-वे बक्सर-भागलपुर कॉरिडोर का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। परियोजना में दो बड़े पुलों का निर्माण प्रस्तावित है, जो गंगा और अन्य नदियों पर बनेगा। ये पुल आवागमन को सुरक्षित और सुगम बनाएंगे। सड़क की चौड़ाई 60 मीटर होगी, जिसमें सर्विस रोड, फुटपाथ और मीडियन जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी।
यह एक्सप्रेस-वे मोकामा से शुरू होकर मुंगेर तक जाएगा और आगे भागलपुर को जोड़ेगा। इससे पटना, लखीसराय, मुंगेर और भागलपुर जिलों के बीच सीधी और तेज कनेक्टिविटी बनेगी। झारखंड के कई इलाकों से आने वाले वाहनों को भी पटना पहुंचने में आसानी होगी।
भूमि अधिग्रहण में तेजी
परियोजना के लिए लखीसराय जिले में कुल 342.97 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की जरूरत है। यह भूमि जिले के पांच प्रखंडों बड़हिया, लखीसराय, चानन, पिपरिया और सूर्यगढ़ा के 48 मौजाओं में फैली हुई है। अब तक 46 मौजाओं की 270.71 हेक्टेयर भूमि की अधिसूचना प्रकाशित हो चुकी है।
शेष दो मौजाओं लखीसराय अंचल का दामोदरपुर और बड़हिया अंचल का इंगलिश के खतियान और जमाबंदी विवरण प्राप्त नहीं होने के कारण अधिसूचना लंबित है। जिला प्रशासन ने 174.72 हेक्टेयर भूमि के गजट प्रकाशन का प्रस्ताव एनएचएआई को भेज दिया है। सभी अंचल अधिकारियों को विभागीय फॉर्मेट-22 और नक्शा उपलब्ध करा दिए गए हैं।
जिलाधिकारी की नियमित समीक्षा के बाद 28 फरवरी तक भूमि सत्यापन का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।
अंचलवार भूमि अधिग्रहण का ब्यौरा
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बड़हिया: 8 मौजा, 78.71 हेक्टेयर
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लखीसराय: 9 मौजा, 76.29 हेक्टेयर
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चानन: 7 मौजा, 33.07 हेक्टेयर
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पिपरिया: 6 मौजा, 15.71 हेक्टेयर
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सूर्यगढ़ा: 18 मौजा, 139.97 हेक्टेयर
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे सहयोग करें ताकि समय पर भूमि हस्तांतरण हो सके। उचित मुआवजा और पुनर्वास नीति के तहत सभी प्रभावित परिवारों को लाभ दिया जाएगा।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
यह एक्सप्रेस-वे पूर्वी बिहार के औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगा। मुंगेर के औद्योगिक क्षेत्र, लखीसराय के बाजार और भागलपुर के सिल्क उद्योग को नई गति मिलेगी। लंबी दूरी के ट्रक चालकों को जाम से मुक्ति मिलेगी और ईंधन खर्च में कमी आएगी।
परियोजना से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्य, होटल, ढाबे और सेवा क्षेत्र में नौकरियां बढ़ेंगी। झारखंड से आने वाले वाहनों के लिए भी यह वैकल्पिक और तेज रूट बनेगा।
Bihar News: चुनौतियां और समयसीमा
भूमि अधिग्रहण में देरी सबसे बड़ी चुनौती है। प्रशासन ने इसे प्राथमिकता दी है और नियमित बैठकें कर रहा है। एनएचएआई के इंजीनियरों ने साइट सर्वे पूरा कर लिया है। यदि भूमि अधिग्रहण समय पर होता है तो निर्माण कार्य 2026-27 में शुरू हो सकता है और 2029-30 तक पूरा होने का अनुमान है।
यह परियोजना बिहार सरकार की ‘बढ़ता बिहार’ और केंद्र की इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाओं का हिस्सा है। पीयूष गोयल जैसे केंद्रीय मंत्रियों ने भी बिहार में एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं पर जोर दिया है। मोकामा-मुंगेर एक्सप्रेस-वे इनमें से एक प्रमुख प्रोजेक्ट है।
लखीसराय और मुंगेर के लोग लंबे समय से इस सड़क की मांग कर रहे थे। अब प्रशासनिक गति से उम्मीद जगी है कि जल्द ही निर्माण शुरू होगा और क्षेत्र का चेहरा बदल जाएगा।



