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Bihar News: जीतन राम मांझी का विवादास्पद बयान "गया में शराबबंदी नहीं, यहां गंगा मैया बहती हैं"

गया में शराबबंदी नहीं, यहां गंगा मैया बहती हैं; मांझी का तंज, विपक्ष ने नीतीश सरकार पर हमला बोला

Bihar News: बिहार में शराबबंदी को लेकर फिर विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और HAM पार्टी के प्रमुख जीतन राम मांझी ने गया में एक कार्यक्रम में विवादास्पद बयान दिया। उन्होंने कहा, “गया में शराबबंदी लागू नहीं होती। यहां गंगा मैया बहती हैं।” मांझी का इशारा गया में फल्गु नदी की ओर था, जहां शराब की बोतलें मिलती रहती हैं। यह बयान शराबबंदी कानून की नाकामी पर सवाल उठाता है। विपक्ष ने नीतीश कुमार की सरकार पर हमला बोला है।

मांझी ने क्या कहा?

मांझी गया में एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी है, लेकिन गया में इसका पालन नहीं होता। “यहां गंगा मैया बहती हैं।” उनका मतलब फल्गु नदी से था, जहां अक्सर शराब की बोतलें बहकर आती हैं। मांझी ने कहा कि शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब का कारोबार चल रहा है। पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत है।

मांझी ने नीतीश सरकार पर तंज कसा। कहा कि शराबबंदी सिर्फ कागजों पर है। जमीन पर कुछ नहीं हो रहा।

विपक्ष का हमला

RJD और कांग्रेस ने मांझी के बयान को मुद्दा बनाया। RJD प्रवक्ता ने कहा कि मांझी ने सच बोल दिया। शराबबंदी पूरी तरह फेल हो गई है। नीतीश कुमार का दावा झूठा साबित हो रहा है। कांग्रेस ने कहा कि गया जैसे पवित्र स्थान पर शराब बह रही है। सरकार सो रही है।

विपक्ष ने मांग की कि शराबबंदी की समीक्षा हो। कानून को सख्ती से लागू किया जाए।

सरकार की सफाई

जदयू ने मांझी के बयान को राजनीतिक बताया। कहा कि मांझी एनडीए में हैं, लेकिन पुरानी आदत से विपक्षी बात कर रहे हैं। शराबबंदी सफल है। अवैध शराब पर कार्रवाई हो रही है। पुलिस ने हजारों मामले दर्ज किए हैं।

प्रशासन ने कहा कि फल्गु नदी में बोतलें बाहर से बहकर आती हैं। स्थानीय उत्पादन नहीं है। निगरानी बढ़ाई गई है।

Bihar News: गया में शराबबंदी की स्थिति

गया बिहार का प्रमुख तीर्थ स्थल है। यहां फल्गु नदी में शराब की बोतलें मिलना आम बात है। श्रद्धालु और पर्यटक शिकायत करते हैं। अवैध शराब का कारोबार चलता है। पुलिस समय-समय पर छापेमारी करती है। लेकिन समस्या बनी हुई है।

मांझी का बयान इस समस्या को उजागर करता है। शराबबंदी कानून 2016 से लागू है। लेकिन अवैध शराब का धंधा जारी है।

बिहार में शराबबंदी राजनीतिक मुद्दा है। नीतीश कुमार इसे अपनी उपलब्धि बताते हैं। विपक्ष नाकामी कहता है। मांझी का बयान बहस छेड़ रहा है। आने वाले दिनों में और प्रतिक्रियाएं आएंगी।

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