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Bihar News: बिहार में औद्योगिक क्रांति की नई शुरुआत, श्याम स्टील 5000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, गया में लगेगा 10 लाख टन क्षमता का स्टील प्लांट

श्याम स्टील का बड़ा निवेश, 10 लाख टन क्षमता का इंटीग्रेटेड प्लांट, डोभी रोड पर 500 एकड़ में, 8000 रोजगार, गया बनेगा इंडस्ट्रियल हब।

Bihar News: बिहार की औद्योगिक तस्वीर तेजी से बदल रही है। राज्य सरकार की निवेश-मित्र नीतियों और उद्योग विभाग की सक्रियता का नतीजा है कि प्रमुख स्टील निर्माता कंपनी श्याम स्टील मैन्युफैक्चरिंग लिमिटेड ने बिहार में 5,000 करोड़ रुपये के बड़े निवेश का फैसला लिया है। यह निवेश गया जिले के डोभी रोड स्थित प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे में एक अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट स्थापित करने के लिए किया जाएगा। उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने 12 फरवरी 2026 को इसकी आधिकारिक पुष्टि की।

यह परियोजना बिहार के लिए एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है, क्योंकि इससे न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। कंपनी ने राज्य सरकार को प्रस्ताव सौंपा है, जिसमें 1 मिलियन टन प्रति वर्ष (10 लाख टन सालाना) क्षमता वाला ग्रीनफील्ड स्टील प्लांट लगाने की योजना शामिल है। यह प्लांट चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा और स्थानीय संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करेगा।

500 एकड़ जमीन पर बनेगा विशाल प्लांट

श्याम स्टील ने प्रस्ताव में करीब 500 एकड़ जमीन की मांग की है, जो गया-डोभी औद्योगिक गलियारे में उपलब्ध कराई जाएगी। कंपनी को 50 मेगावाट बिजली और 2 मिलियन गैलन प्रतिदिन पानी की आपूर्ति की आवश्यकता होगी। उद्योग विभाग इन सुविधाओं को उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। यह प्लांट स्टील निर्माण के पूरे चक्र को कवर करेगा, जिसमें कच्चे माल से लेकर अंतिम उत्पाद तक की प्रक्रिया शामिल होगी।

उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि यह निवेश राज्य की औद्योगिक नीतियों पर उद्योग जगत के भरोसे का प्रमाण है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि बिहार अब पलायन की जगह रोजगार और कारोबार की नई मिसाल पेश कर रहा है। मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करना है, और यह परियोजना उस दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

8,000 लोगों को मिलेगा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ

इस मेगा प्रोजेक्ट से राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। अनुमान के अनुसार, प्लांट के शुरू होने पर लगभग 8,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से नौकरियां मिलेंगी। इसमें कुशल और अकुशल दोनों तरह के श्रमिक शामिल होंगे। स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे पलायन रुकेगा और गया जिले के आसपास के इलाकों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इस निवेश का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उन कंपनियों को प्राथमिकता देगी जो बिहार में उत्पादन इकाइयां स्थापित करेंगी। ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना के तहत स्थानीय उत्पादों की खरीद को बढ़ावा दिया जाएगा, जो इस तरह की परियोजनाओं को और आकर्षक बनाता है।

गया-डोभी औद्योगिक गलियारा

गया-डोभी रोड पर विकसित हो रहा यह औद्योगिक गलियारा बिहार के औद्योगीकरण का केंद्र बनने जा रहा है। निकटवर्ती झारखंड सीमा के कारण कच्चे माल की उपलब्धता आसान होगी। यह क्षेत्र पहले से ही इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के दौर से गुजर रहा है, जिसमें सड़क, बिजली और पानी की बेहतर व्यवस्था शामिल है। श्याम स्टील का प्लांट इस गलियारे को और मजबूत बनाएगा, जिससे अन्य कंपनियां भी यहां निवेश के लिए आकर्षित होंगी।

उद्योग विभाग के अनुसार, इस परियोजना से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा। स्टील उद्योग से जुड़े सहायक क्षेत्र जैसे परिवहन, लॉजिस्टिक्स और छोटे-मोटे उद्योग भी फलेंगे-फूलेंगे। इससे स्थानीय स्तर पर छोटे व्यापारियों और ठेकेदारों को भी लाभ मिलेगा।

निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल

बिहार सरकार ने हाल के वर्षों में निवेश आकर्षित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। बेहतर प्रोत्साहन नीति, एकल खिड़की प्रणाली, भूमि उपलब्धता और टैक्स छूट जैसी सुविधाएं निवेशकों को लुभा रही हैं। श्याम स्टील का यह प्रस्ताव इन नीतियों की सफलता का प्रमाण है। मंत्री जायसवाल ने कहा कि राज्य अब संरचित औद्योगीकरण और सतत आर्थिक परिवर्तन की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

यह निवेश बिहार की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा। स्टील जैसे बुनियादी उद्योग से निर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बल मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बड़े प्रोजेक्ट्स से राज्य का जीडीपी ग्रोथ रेट बढ़ेगा और बेरोजगारी की समस्या कम होगी।

Bihar News: परियोजना की समयसीमा और चुनौतियां

हालांकि परियोजना अभी प्रारंभिक चरण में है, लेकिन कंपनी और सरकार के बीच सहमति बन चुकी है। भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण मंजूरी और अन्य औपचारिकताएं जल्द पूरी की जाएंगी। राज्य सरकार ने सभी संभव सहायता देने का वादा किया है। यदि समय पर कार्य शुरू हुआ तो कुछ वर्षों में यह प्लांट उत्पादन शुरू कर देगा।

बिहार के लिए यह खबर उत्साहजनक है। श्याम स्टील जैसी प्रतिष्ठित कंपनी का निवेश अन्य बड़े उद्योगपतियों को भी प्रेरित करेगा। राज्य अब औद्योगिक विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है, जहां रोजगार, आत्मनिर्भरता और समृद्धि का संदेश गूंज रहा है।

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