Bihar News: पटना में पानी की किल्लत से निजात की उम्मीद, नगर निगम ने चिह्नित किए 'डार्क जोन', 8 प्रमुख परियोजनाओं से मजबूत होगी जलापूर्ति
पटना नगर निगम ने 'डार्क जोन' चिह्नित कर 8 बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी, कंकड़बाग-मीठापुर-पाटलिपुत्र में नई पाइपलाइन और कनेक्शन से मजबूत होगी जलापूर्ति
Bihar News: पटना शहर में लंबे समय से जल संकट एक बड़ी समस्या बना हुआ है। गर्मियों में पानी की कमी, पुरानी पाइपलाइनों का जर्जर होना और कई इलाकों में पाइपलाइन न पहुंचना आम शिकायतें हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए पटना नगर निगम (PMC) ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नगर निगम ने शहर के उन क्षेत्रों को ‘डार्क जोन’ के रूप में चिह्नित किया है जहां जलापूर्ति सबसे अधिक प्रभावित है। इन जोनों में प्राथमिकता के आधार पर 8 बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनसे पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार, मरम्मत और नए कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे।
कार्यपालक अभियंता रामस्वरूप प्रसाद ने बताया कि विभागीय सर्वेक्षण के बाद इन क्षेत्रों की पहचान की गई। इन योजनाओं के पूरा होने से न केवल नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित होगी बल्कि गर्मी के मौसम में होने वाली पानी की किल्लत पर भी काफी हद तक नियंत्रण संभव होगा। नगर निगम का लक्ष्य है कि शहर के हर वार्ड में विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण पानी पहुंचे। यह कदम पटनावासियों के लिए राहत की खबर है, खासकर उन इलाकों के लिए जहां लोग वैकल्पिक स्रोतों जैसे हैंडपंप या टैंकरों पर निर्भर हैं।
‘डार्क जोन’ क्या हैं और क्यों चिह्नित किए गए?
‘डार्क जोन’ उन क्षेत्रों को कहा जाता है जहां जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह या काफी हद तक विफल है। यहां या तो पाइपलाइन मौजूद नहीं है, पुरानी लाइनें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं या दबाव इतना कम है कि पानी घरों तक नहीं पहुंच पाता। नगर निगम के सर्वे में पाया गया कि कंकड़बाग, मीठापुर, पाटलिपुत्र और अन्य घनी आबादी वाले इलाकों में यह समस्या गंभीर है।
इन जोनों की पहचान विभागीय टीम ने की, जिसमें स्थानीय शिकायतों, फील्ड विजिट और डेटा एनालिसिस शामिल था। अधिकारियों का कहना है कि इन क्षेत्रों में पानी की कमी से न केवल दैनिक जीवन प्रभावित होता है बल्कि स्वास्थ्य जोखिम भी बढ़ता है, क्योंकि लोग असुरक्षित स्रोतों से पानी लेने को मजबूर होते हैं। इन 8 परियोजनाओं से इन जोनों को प्राथमिकता मिलेगी, ताकि जल्द से जल्द सुधार हो सके।
आठ प्रमुख परियोजनाओं का विवरण
नगर निगम ने इन परियोजनाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना बनाई है। प्रमुख परियोजनाएं इस प्रकार हैं:
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कंकड़बाग क्षेत्र में गायब पाइपलाइन का पुनर्निर्माण: पंच शिव मंदिर से वार्ड 35 स्थित पप्पू प्लास्टिक दुकान तक पुरानी पाइपलाइन गायब हो चुकी थी। यहां नई लाइन बिछाई जाएगी, जिससे स्थानीय निवासियों को लंबे समय से हो रही परेशानी दूर होगी।
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वार्ड 8, जमुना नगर में डीआई पाइपलाइन विस्तार: फूल चंद्र हाउस, रोड संख्या 5, वीएन ठाकुर चौक, श्रीया उत्सव हाल तथा रोड संख्या 6 और 7 में नई डीआई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इससे मोहल्ले के अधिकांश घरों को नियमित आपूर्ति मिल सकेगी।
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वार्ड 47, रामपुर पंप हाउस के आसपास मिट्टी धंसने की समस्या का समाधान: यहां मिट्टी धंसने से पाइपलाइन को खतरा था। विफल मिट्टी की भराई, भूमि सुदृढ़ीकरण और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत की जाएगी, जिससे भविष्य में बाधा न आए।
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मीठापुर और आसपास के इलाकों में नई पाइपलाइन और घरेलू कनेक्शन: वार्ड 19 की अग्रवाल प्रेस गली, मीठापुर सब्जी मंडी के दक्षिणी भाग और वर्मा सेल गली में नई लाइन बिछाई जाएगी। साथ ही घर-घर व्यक्तिगत जल कनेक्शन दिए जाएंगे, जिससे सार्वजनिक नलों पर निर्भरता कम होगी।
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वार्ड 22 में राजपुर गेट संख्या 31 से 41 तक सीआई पाइपलाइन: यहां सीआई पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिससे जल दबाव में सुधार होगा।
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वार्ड 22ए में आईआईटी महिला कॉलेज और सुल्ताना बेगम आवास के सामने विस्तार: जलापूर्ति लाइन का विस्तार प्रस्तावित है, जो स्थानीय निवासियों को लाभ पहुंचाएगा।
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पाटलिपुत्र वार्ड 22बी में एचडीपीई पाइपलाइन: पीएंडएम माल ब्रांच रोड से रिलायंस ब्रांच रोड तक आधुनिक एचडीपीई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इससे जल गुणवत्ता और दबाव दोनों बेहतर होंगे।
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अन्य क्षेत्रों में मरम्मत और विस्तार: विभिन्न वार्डों में पुरानी लाइनों की मरम्मत और नए कनेक्शन शामिल हैं।
ये परियोजनाएं विभिन्न वार्डों को कवर करती हैं और कुल मिलाकर शहर के बड़े हिस्से को लाभ पहुंचाएंगी।
कार्यान्वयन की समयसीमा और चुनौतियां
नगर निगम का लक्ष्य है कि इन योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए, ताकि गर्मी से पहले राहत मिल सके। अधिकारियों ने बताया कि कार्यों की निगरानी के लिए विशेष टीम गठित की गई है। हालांकि, चुनौतियां भी हैं जैसे भूमि उपलब्धता, फंडिंग और ठेकेदारों की समयबद्धता। हाल के महीनों में कुछ जलापूर्ति परियोजनाओं में देरी पर शोकॉज नोटिस जारी किए गए हैं, जो दर्शाता है कि निगम अब सख्ती बरत रहा है।
Bihar News: पटनावासियों के लिए फायदे
इन परियोजनाओं से शहर में जलापूर्ति की स्थिति में सुधार होगा। घर-घर कनेक्शन बढ़ने से टैंकरों और हैंडपंपों पर निर्भरता कम होगी। स्वच्छ और नियमित पानी से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी घटेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम पटना को अधिक रहने योग्य शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
नगर निगम ने नागरिकों से सहयोग की अपील की है, जैसे निर्माण के दौरान सड़कों पर अतिक्रमण न करना और शिकायतों की सूचना देना। अधिक जानकारी के लिए पटना नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट या स्थानीय वार्ड कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
यह पहल पटना के विकास में एक सकारात्मक कदम है, जो शहर की बढ़ती आबादी और जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर उठाया गया है। उम्मीद है कि ये परियोजनाएं समय पर पूरी होंगी और पटनावासियों को लंबे इंतजार के बाद राहत मिलेगी।



