Bihar Cabinet: बिहार कैबिनेट की पहली बैठक में 41 प्रस्ताव मंजूर, कई विभागों में नई नौकरियां, वकीलों को 30 करोड़ का तोहफा
कई विभागों में नई नौकरियां, वकीलों को 30 करोड़ का तोहफा, सोन नदी विवाद का समाधान
Bihar Cabinet: बिहार में नए साल 2026 की शुरुआत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की पहली बैठक हुई। मंगलवार को मुख्य सचिवालय में हुई इस बैठक में कुल 41 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में कृषि, जल संसाधन, डेयरी, मत्स्य, पशु संसाधन, शिक्षा और विधि विभाग समेत कई विभागों में नए पदों के सृजन पर मुहर लगी। इससे राज्य के युवाओं को सरकारी नौकरी के नए अवसर मिलेंगे।
सीएम नीतीश कुमार ने जनता को विकास और रोजगार का बड़ा तोहफा दिया है। बैठक से पहले समृद्धि यात्रा की तैयारियां भी तेज हैं, जो 16 जनवरी से शुरू होगी।
नए पदों का सृजन और नौकरियां
कैबिनेट ने विभिन्न विभागों में नए पद बनाने को हरी झंडी दी। कृषि विभाग में 694 नए पद मंजूर हुए, जिनमें पौध संरक्षण और निरीक्षक के पद शामिल हैं। इससे कृषि क्षेत्र में युवाओं को रोजगार मिलेगा।
शिक्षा विभाग में भी नए पदों का सृजन हुआ, जिससे शिक्षकों और अन्य स्टाफ की कमी दूर होगी। जल संसाधन, डेयरी, मत्स्य और पशु संसाधन विभागों में भी पद बढ़ाए गए।
कुछ विभागों में आठवीं पास उम्मीदवारों के लिए भी पद सृजित किए गए हैं, जिससे कम पढ़ाई वाले युवाओं को सरकारी नौकरी मिलने का मौका बढ़ेगा।
वकीलों को बड़ा तोहफा
विधि विभाग से जुड़े प्रस्ताव में बिहार अधिवक्ता कल्याण ट्रस्ट कमिटी को 30 करोड़ रुपये का एडवांस मंजूर हुआ। इससे राज्य के अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए कई योजनाएं चलेंगी।
नए अधिवक्ताओं को मासिक 5,000 रुपये स्टाइपेंड मिलेगा। बार एसोसिएशन को ई-लाइब्रेरी बनाने के लिए 5 लाख रुपये का अनुदान भी दिया जाएगा। यह फैसला वकीलों के लिए बड़ा राहत पैकेज है।
अन्य अहम फैसले
- दरभंगा एयरपोर्ट के पास जमीन अधिग्रहण के लिए मुआवजा राशि मंजूर हुई। इससे लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब का काम तेज होगा।
- सोन नदी के पानी बंटवारे पर बिहार-झारखंड के बीच लंबे समय से चले विवाद का समाधान हुआ। बिहार को 5.75 मिलियन एकड़ फीट पानी मिलेगा।
- मुंबई में बिहार भवन बनाने का प्रस्ताव भी पास हुआ, जिससे राज्य के प्रवासियों को सुविधा मिलेगी।
- शिक्षा में आधुनिक शिक्षण कौशल और तकनीकी साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए 14 अरब 85 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
Bihar Cabinet: बैठक का महत्व
यह बैठक नीतीश सरकार की पहली कैबिनेट बैठक थी। इसमें रोजगार सृजन, निवेश और बुनियादी ढांचे पर फोकस रहा। कैबिनेट सचिवालय के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने पत्रकारों को बताया कि ये फैसले राज्य के विकास को नई गति देंगे।
युवाओं के लिए नौकरियां, वकीलों के कल्याण और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से बिहार की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ये फैसले आने वाले समय में चुनावी फायदे भी दे सकते हैं।
नीतीश सरकार अब समृद्धि यात्रा के जरिए इन फैसलों का प्रचार करेगी। राज्य के युवा और आम लोग इन फैसलों से सीधा फायदा उठा सकेंगे।



